आज के समय में स्टाफ को अक्सर टारगेट पूरा नहीं करने पर सजा भुगतनी पड़ती है, लेकिन जो सजा चीन के एक फोटो स्टूडियो के बॉस ने अपने कर्मचारियों को दी, वह अजीबोगरीब ही है। 

बीजिंग। किसी भी कंपनी में कर्मचारी अगर अपना टारगेट पूरा नहीं कर पाते हैं तो बॉस किसी न किसी तरह की सजा उन्हें देते ही हैं। कुछ बॉस रहमदिल होते हैं। वे कर्मचारियों को आगे कैसे टारगेट पूरा करें, इसके बारे में बतलाते हैं। कुछ बॉस कर्मचारियों को फिर से कोशिश करने को कहते हैं और उन्हें उत्साहित करते हैं। वहीं, टारगेट पूरा नहीं करने पर कई बार कर्मचारियों की सैलरी में इन्क्रीमेंट कम किया जाता है या बिल्कुल नहीं किया जाता है। लेकिन चीन के झियांगसी प्रोविन्स के गंझाऊ में एक वेडिंग फोटो स्टूडियो के बॉस ने टारगेट पूरा नहीं करने पर अपने इम्प्लॉइज के साथ जो किया, वह वाकई हैरान कर देने वाला है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

करेले और कच्चे अंडे खाने पर किया मजबूर
वेडिंग फोटो स्टूडियो के बॉस ने सेल्स टारगेट पूरा कर पाने में असफल रहे अपने कर्मचारियों को करेले और कच्चे अंडे खाने पर मजबूर कर दिया। चाइनीज सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो से यह पता चला है कि किस तरह कर्मचारी करेले और कच्चे अंडे खा रहे थे। एक महिला कर्मचारी घुटनों के बल बैठी कच्चे अंडे खा रही थी और उल्टी कर रही थी, वहीं बॉस कह रहा था कि और तेजी से खाओ, और तेजी से। 

क्या सफाई दी स्टूडियो के बॉस ने
टारगेट पूरा नहीं करने पर ऐसी कड़ी और क्रूरता भरी सजा देने की बात सामने आने पर स्टू़डियो के बॉस ने कोई खेद नहीं जताया। मैनेजमेंट ने कहा कि टारगेट पूरा नहीं करने वाले कर्मचारियों के सामने दो ऑप्शन रखे गए थे। उनसे कहा गया था कि वे छुट्टियों के दिन कंपनी द्वारा दिए जाने वाले प्रशिक्षण के लिए आएं या फिर कच्चे करेले और कच्चे अंडे खाएं। बॉस ने कहा कि जिन्होंने दूसरा ऑप्शन चुना, उन्हें करेले और कच्चे अंडे खाने पड़े। यही नहीं, अपने इस कदम को उचित ठहराते हुए बॉस ने एक चीनी कहावत कही कि अच्छी दवा हमेशा कड़वी लगती है। 

पहले भी चीनी कंपनियां कर चुकी हैं ऐसा
इसके पहले भी कुछ चीनी कंपनियां टारगेट पूरा नहीं करने पर अपने कर्मचारियों के साथ इसी तरह का व्यवहार कर चुकी हैं। कुछ समय पहले एक चीनी कंपनी ने टारगेट पूरा नहीं करने पर अपने इम्प्लॉइज को जिंदा मछली खाने और मुर्गे का खून पीने पर मजबूर कर दिया था।