मलेशिया के बोर्नियो आइलैंड में शिकारियों ने हाथियों की एक दुर्लभ प्रजाति पर हमला कर दिया। इस हमले में एक हाथी मारा गया। 

कुआलालंपुर। मलेशिया के सबाह स्टेट के बोर्नियो आइलैंड में शिकारियों ने हाथियों की एक दुर्लभ प्रजाति पिग्मी पर हमला कर दिया। शिकारियों ने एक हाथी को 70 गोलियां मारीं, जिसके बाद हाथी ने दम तोड़ दिया। शिकारियों ने उसके दांत निकाल लिए और उसकी बॉडी को वहीं छोड़ दिया। यह घटना पिछले सोमवार की बताई जाती है। मलेशिया के एक अधिकारी ने इसके बारे में जानकारी दी। बता दें कि पिछले कुछ समय से पिग्मी नस्ल के हाथियों पर खतरा बढ़ गया है। शिकारी इनके बेशकीमती दांतों के लिए इनकी हत्या करते हैं। वहीं, खेती के लिए भी जंगल काटे जा रहे हैं।

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सेमी-ऑटोमैटिक गन से 70 गोलियां दागीं
शिकारियों ने सेमी-ऑटोमैटिक गन से एक हाथी पर 70 गोलियां दागीं। हाथी तत्काल मर गया। शिकारियों ने उसके दांत निकाल लिए और उसे वहीं नदी के किनारे छोड़ दिया। हाथी की लाश पानी में आधी डूबी थी। सबाह वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट के डायरेक्टर ऑगस्टाइन टुगा ने कहा कि यह हाथियों पर हुआ बहुत ही क्रूर हमला है, पर आम तौर पर ऐसा नहीं होता। 

चर-पांच शिकारियों ने घेर कर किया हमला
जानकारी के मुताबिक, चार से पांच शिकारियों ने हाथी को घेर कर हमला किया। उन्होंने सेमी-ऑटोमैटिक गन से बहुत ही नजदीक से हाथी को गोलियां मारी। वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट के डायरेक्टर ऑगस्टाइन टुगा का कहना है कि ये शिकारी लोकल ही लगते हैं। ये कोई प्रोफेशनल शिकारी नहीं थे।

वाइल्डलाइफ वॉचडॉग के स्पोक्सपर्सन ने क्या कहा
वाइल्डलाइफ वॉचडॉग Traffic की स्पोक्सपर्सन एलिजाबेथ जॉन ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से पिग्मी हाथियों के शिकार की घटनाओं में बेशुमार वृद्धि हुई है, लेकिन इन मामलों में गिरफ्तारियां नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर स्थिति है और इस खतरे से निपटने के लिए उन लोगों पर कानूनी कार्रवाई जरूरी है, जो दुर्लभ और संरक्षित प्राणी घोषित किए गए पिग्मी हाथियों का शिकार कर रहे हैं।एलिजाबेथ जॉन ने कहा कि अगर सरकार ने शिकारियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए तो इससे उनका मनोबल बढ़ता जाएगा और वे हाथियों पर ज्यादा हमले करेंगे।