भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के 8वें और अंतिम फेज के लिए चुनाव प्रचार किया। इस वर्चुअली सभा में नड्डा ने ममता बनर्जी की सरकार को जमकर घेरा। पश्चिम बंगाल में दो फेज के विधानसभा चुनाव और बचे हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए भाजपा अब वर्चुअली चुनावी सभाएं कर रही है। सभाओं में भी कम से कम लोगों को बुलाया जा रहा है। वहीं, कोरोना गाइड लाइन का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के प्रचार पर भी असर डाला है। यहां 7वें फेज के लिए 26 अप्रैल को वोटिंग होगी। जबकि आखिरी और 8वें चरण में 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के 8वें फेज के लिए चुनाव प्रचार किया। इस वर्चुअली सभा में नड्डा ने ममता बनर्जी की सरकार को जमकर घेरा। पश्चिम बंगाल में दो फेज के विधानसभा चुनाव और बचे हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए भाजपा अब वर्चुअली चुनावी सभाएं कर रही है। सभाओं में भी कम से कम लोगों को बुलाया जा रहा है। वहीं, कोरोना गाइड लाइन का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। 

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नड्डा ने कहा

  • मैं देख रहा हूं कि चुनाव में जिस तरह से भाजपा को जनसमर्थन मिल रहा है और हर चरण में भाजपा जीत रही है उससे ममता जी की बौखलाहट बढ़ रही है। आज TMC और उसके गुंडों ने भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने, धमकाने का काम पकड़ लिया है।
  • आज ममता बनर्जी कहती हैं कि कोरोना वायरस की देखरेख ठीक ढंग से नहीं हो रही है। जब प्रधानमंत्री कोरोना को लेकर बैठक बुलाते हैं तो आप वहां उपस्थित क्यों नहीं होतीं, क्या आपका अहंकार आपको रोकता है? 
  • मुझे बड़े दुख के साथ कहना पड़ता है कि ममता जी की सरकार मां, माटी, मानुष के नाम पर आई थी लेकिन ममता जी ने मां, माटी, मानुष की चिंता नहीं की।

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यहां पहले फेज में 27 मार्च को 30 सीट, 1 अप्रैल को दूसरे फेज में 30 सीट, तीसरे फेज में 6 अप्रैल को 31 सीटों और 10 अप्रैल को चौथे चरण में 44 सीटों, 17 अप्रैल के पांचवें चरण में 45 सीटों और 22 अप्रैल को छठवें चरण में 43 सीटों के बाद सातवें चरण में 26 अप्रैल को 36 सीटों और 29 अप्रैल को आठवें चरण में 35 सीटों पर वोटिंग होगी। रिजल्ट 2 मई को आएगा। बंगाल में मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच है। ममता बनर्जी यहां पिछले 10 साल से सत्ता में काबिज हैं। इससे पहले 34 साल तक वामपंथियों ने सरकार चलाई।