AK-47 सबसे घातक हथियारों में से है। 1947 से लेकर अब तक हर देश में इसका व्यापक इस्तेमाल हो रहा है। इसे 106 देशों की सेनाएं यूज करती हैं।

Most Dangerous Weapon: AK-47 सबसे घातक हथियारों में से है। इससे हर साल लाखों लोगों की जानें जाती हैं। ऐसा कहा जाता है कि AK-47 राइफल से निकली गोलियों ने जितने लोगों की जानें ली हैं, उतने लोग परमाणु हथियार से भी नहीं मरे हैं।1947 से लेकर अब तक हर देश में इसका व्यापक इस्तेमाल हो रहा है। इसे 106 देशों की सेनाएं यूज करती हैं। एक अनुमान के मुताबिक अब तक 10 करोड़ AK-47 का निर्माण हो चुका है। Automatic Kalashnikov-47 राइफल की निर्माण 1947 में हुआ था। इसका आविष्कार Mikhail Kalashnikov ने किया था।

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अपने निर्माण के बाद से ही AK-47 बंदूक दुनियाभर में पसंद की गई। इससे निकली गोली हड्डियों को भेद कर चकनाचूर कर देती है। मांस को फाड़ देती है। इतना ही नहीं दुनियाभर के आतंकी संगठन भी इस बंदूक का जमकर इस्तेमाल करते हैं।

क्या है खास?
AK-47 राइफल की बैरल से गोली छूटने की रफ्तार 710 मीटर प्रति सेकंड है। इसे महज 2.5 सेकंड रिलोड किया जा सकता है। इसकी रेंज करीब 800 मीटर की होती है। कहा जाता है कि एके 47 उतनी दूर तक निशाना लगा सकती है जितनी दूर तक आपको दिखाई देता है।

8 पुर्जों से बनती है AK-47
इसका वजन 4.8 किलो होता है। इस राइफल से प्रति मिनट 600 राउंड फायरिंग की जा सकती है। यह किसी भी इलाके और किसी भी मौसम में आसानी से काम करती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि AK-47 सिर्फ 8 पुर्जों से मिलकर बनी होती है। इन पुर्जों को केवल 1 मिनट में जोड़ा जा सकता है। इसे चलाने के लिए किसी तरह की विशेष ट्रेनिंग की जरूरत नहीं है। बच्चे भी इसे आसानी से चला सकते हैं।

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चीन में सबसे ज्यादा निर्माण
रुस समेत दुनिया के 30 अन्य देशों को भी इसे बनाने का लाइसेंस मिला हुआ है। इन देशों में भारत, चीन, इजराइल, मिस्त्र, नाइजीरिया आदि देशों के नाम शामिल हैं। इनमें चाइना सबसे ज्यादा AK-47 बनाता है। दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले हथियार के रूप में AK-47 का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल हैं। बता दें कि 1979 में सोवियत-अफगान युद्ध के दौरान अमेरिका ने सारी दुनिया से एके 47 इकठ्ठी कर अफगानों में बंटवाई, जिन्होंने इस पर ग्रेनेड लांचर फिट करके रुसी सैना पसीने छुड़ा दिए थे।

कितनी है कीमत?
AK-47 मॉडल की कीमत अलग-अलग देशों में अलग-अलग है। हालांकि, दुनिया के कुछ हिस्सों में एक AK-47 को 10 डॉलर से भी कम में खरीदा जा सकता है। इसकी कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि आप उत्पादन केंद्र से कितने दूर हैं। प्रोडक्शन सेंटर से जितना दूरी होगी, उसकी कीमत उतनी बढ़ जाएगी।