ऑस्ट्रेलिया सरकार के वीजा से जुड़े नए फैसले से उन कई भारतीय छात्रों पर असर पड़ने की संभावना है, जो आगे की पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया। ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने स्टूडेंट वीजा को लेकर एक नया नियम जारी किया है, जिसका असर भारतीय छात्रों समेत अन्य इंटरनेशनल स्टूडेंट पर पड़ने वाला है। बुधवार (8 मई) को घोषणा करते हुए कहा कि वो छात्रों को वीजा प्राप्त करने के लिए आवश्यक बचत की राशि बढ़ाएगा। इसके अलावा फर्जी तरीके से कॉलेजों में एडमिशन लेने पर भी लगाम लगाएगा। 

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ऑस्ट्रेलियाई गृह मामलों के मंत्री क्लेयर ओ'नील ने कहा कि अवैध तरीके से भर्ती देने वाले 34 शिक्षा 34 शिक्षा प्रदाताओं को चेतावनी पत्र भेजे गए थे।उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर उन्हें दो साल तक की जेल हो सकती है और छात्रों की भर्ती पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

ऑस्ट्रेलिया सरकार के वीजा से जुड़े नए फैसले से उन कई भारतीय छात्रों पर असर पड़ने की संभावना है, जो आगे की पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं। नए नियम के मुताबिक अगले 10 मई से अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को अपना वीज़ा पाने के लिए कम से कम 29,710 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बचत का प्रमाण दिखाना होगा, जो लगभग सात महीनों में दूसरी बढ़ोतरी है। 

बीते साल अक्टूबर में इसे A$21,041 से बढ़ाकर A$24,505 कर दिया गया था। ऑस्ट्रेलियाई सरकार का ये फैसला स्टूडेंट वीजा नियमों को कड़ा करने के पुराने फैसलों के बाद ही आया है। साल 2022 में कोविड -19 प्रतिबंध हटने से प्रवासियों की अचानक बढ़ोतरी शुरू हो गई है। इसको ध्यान में रखते हुए भी सरकार ने वीजा नियम में कड़ाई लाने का फैसला लिया है। इससे पहले मार्च के महीने में सरकार ने छात्र वीज़ा के लिए अंग्रेजी भाषा की आवश्यकताओं को बढ़ा दिया था।

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ऑस्ट्रेलिया अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा के मामले में बड़ा

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा के मामले में ऑस्ट्रेलिया सबसे बड़े निर्यात उद्योगों में से एक है और 2022/23 में इसकी अर्थव्यवस्था का मूल्य A$36.4 बिलियन था। हालांकि, रिकॉर्ड प्रवासन, जो ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय छात्रों द्वारा संचालित है। उसकी वजह से देश भर में किराये की कीमतों में वृद्धि के साथ सरकार को दबाव में डाल दिया है। 30 सितंबर, 2023 तक शुद्ध आप्रवासन 60 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 548,800 हो गया। सरकार को उम्मीद है कि उसकी नीतियां अगले दो सालों में ऑस्ट्रेलिया के प्रवासी प्रवेश को आधा कर सकती हैं। ओ'नील ने कहा, "हम प्रवासन के स्तर को काफी हद तक कम कर रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों की संख्या

दिसंबर 2022 से दिसंबर 2023 तक भारतीय छात्रों के लिए वीज़ा स्वीकृतियों में 48 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद, भारत अंतरराष्ट्रीय छात्र नामांकन के लिए दूसरा सबसे बड़ा स्रोत देश बना हुआ है। आंकड़े बताते हैं कि जनवरी और सितंबर 2023 के बीच कथित तौर पर 122,000 भारतीय छात्र देश में पढ़ रहे थे।

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