चीन ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। चीन ने अपने चांग 'ई-6 चंद्रयान को चंद्रमा के सुदूर हिस्से पर सफलतापूर्वक उतारकार बड़ी उपब्लधि हासिल की है। चांग 'ई-6 विशाल दक्षिणी ध्रुव-ऐटकेन बेसिन में स्थापित हुआ है।  

वर्ल्ड न्यूज। अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी चीन अपने कदम आगे बढ़ा रहा है। चीन ने अपने चांग 'ई-6 चंद्रयान की चंद्रमा के सुदूर हिस्से पर सफलता पूर्ण लॉन्चिंग कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। चांग 'ई-6 विशाल दक्षिणी ध्रुव-ऐटकेन बेसिन में स्थापित हुआ है। यह सौर मंडल के सबसे बड़े प्रभाव वाले गड्ढों में से एक है। चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ने चीन के इस सफल प्रक्षेपण के लिए सभी वैज्ञानिकों को बधाई दी है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

चीन का चांग'ई-6 चंद्र जांच नमूने एकत्र करने के लिए चंद्रमा के सुदूर हिस्से पर सफलतापूर्वक उतारा गया है। बीजिंग के दशकों पुराने स्पेस प्रोग्राम के लिए यह एक नई उपलब्धि है। यह पहली बार होगा कि चंद्रमा पर खोजे गए दुर्लभ क्षेत्र से सैंपल एकत्र किए जाएंगे।

पढ़ें ISRO के वैज्ञानिकों का नया खुलासा, चंद्रमा के ध्रुवीय गड्डों पर पानी की बर्फ होने के मिले प्रमाण

चांग'ई-6 दो दिन में पूरा करेगा मिशन
सीएनएसए के मुताबिक चांग ई-6 तकनीकी रूप से 53 दिन के मिशन पर जो 3 मई से चल रहा है। चंद्रयान के चांद पर उतारे जाने के बाद चंद्र मिट्टी और चट्टानों को निकालने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही लैंडिंग क्षेत्र में अन्य कई प्रयोग भी किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि चांग ई-6 को यह प्रयास दो दिन के अंदर ही पूरे करने हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक सैंपल कलेक्शन के दो तरीकों का प्रयोग किया जाएगा। सतह के नीचे के सैंपल लेने के लिए ड्रिल और सतह से नमूने लेने क लि रोबोटिक भुजा का प्रयोग होगा। 

वैज्ञानिकों की माने तो चंद्रमा का वो पक्ष भी देखें जो अंधेराे के कारण अदृश्य रहता है। यह पृथ्वी से अदृश्य है, इसलिए नहीं कि यह कभी भी सूर्य की किरणों को नहीं पकड़ पाता। रिसर्च के लिए बहुत सारी संभावनाएं अभी बाकी हैं।