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किसी को भनक भी नहीं और चीन ने विकसित किए हाइपरसोनिक मिसाइल, अमेरिका-रूस भी नहीं कर पाएंगे ट्रैक

हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन को लॉन्ग मार्च रॉकेट द्वारा ले जाया गया था, जिसके लॉन्च की घोषणा आमतौर पर की जाती है, हालांकि अगस्त परीक्षण को गुप्त रखा गया था।

China has tested a new space capability with a hypersonic missile, Know why US is feeling uneasy
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Beijing, First Published Oct 17, 2021, 9:37 AM IST
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बीजिंग. चीन (China) ने हाइपरसोनिक मिसाइल (hypersonic missile)के साथ एक नई अतंरिक्ष क्षमता को विकसित किया है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बीजिंग (Beijing) ने अगस्त में एक परमाणु-सक्षम मिसाइल लॉन्च की, जो अपने लक्ष्य की ओर उतरने से पहले पृथ्वी की निचली कक्षा में चक्कर लगा सकती। 

जानकार सूत्रों ने बताया कि हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन को लॉन्ग मार्च रॉकेट द्वारा ले जाया गया था, जिसके लॉन्च की घोषणा आमतौर पर की जाती है, हालांकि अगस्त परीक्षण को गुप्त रखा गया था।

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को भनक तक नहीं

रिपोर्ट में कहा गया है कि हाइपरसोनिक हथियारों पर चीन की प्रगति ने "अमेरिकी खुफिया को आश्चर्यचकित कर दिया।"

चीन के साथ, संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), रूस (Russia) और कम से कम पांच अन्य देश हाइपरसोनिक तकनीक पर काम कर रहे हैं। हाइपरसोनिक मिसाइलें, पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलों की तरह, जो परमाणु हथियार पहुंचा सकती हैं, ध्वनि की गति से पांच गुना से अधिक गति से उड़ सकती हैं।

लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए एक आर्क में अंतरिक्ष में ऊंची उड़ान भरती हैं, जबकि एक हाइपरसोनिक वायुमंडल में कम टाजेक्टरी पर उड़ती है, संभावित रूप से अधिक तेज़ी से लक्ष्य तक पहुंचती है।

हाइपरसोनिक मिसाइल को ट्रैक करना मुश्किल

महत्वपूर्ण यह कि एक हाइपरसोनिक मिसाइल पैंतरेबाज़ी करने योग्य है (बहुत धीमी, अक्सर सबसोनिक क्रूज मिसाइल की तरह), जिससे इसे ट्रैक करना और बचाव करना कठिन हो जाता है जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देशों ने क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव के लिए डिज़ाइन किए गए सिस्टम विकसित किए हैं, पर एक हाइपरसोनिक मिसाइल को ट्रैक करने और गिराने की क्षमता पर अभी भी सवाल है।

यूएस कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (सीआरएस) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, चीन हाइपरसोनिक और अन्य तकनीकों में अमेरिकी लाभ से बचाव के लिए इसे महत्वपूर्ण मानते हुए, प्रौद्योगिकी को आक्रामक रूप से विकसित कर रहा है।

एक रिपोर्ट के अनुसार यूएस-चीन तनाव बढ़ गया है और बीजिंग ने ताइवान के पास सैन्य गतिविधि को तेज कर दिया है।

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