पत्रकारों की रक्षा से जुड़े संगठन सीपीजे की रिपोर्ट के अनुसार कई पत्रकार 'राज द्रोह' का सामना कर रहे हैं और कई पर 'फर्जी समाचार' छापने का आरोप है

वाशिंगटन: दुनिया भर में कम से कम 250 पत्रकार जेलों में बंद हैं और इनमें से सबसे ज्यादा चीन के हैं। पत्रकारों की रक्षा से जुड़े संगठन सीपीजे की रिपोर्ट के अनुसार कई पत्रकार 'राज द्रोह' का सामना कर रहे हैं और कई पर 'फर्जी समाचार' छापने का आरोप है। इस सूची में तुर्की, सऊदी अरब, मिस्र, इरीट्रिया, वियतनाम और ईरान के जेलों में बंद पत्रकार शामिल हैं।

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तुर्की में 47 पत्रकार जेल में है बंद 

प्रेस की स्वतंत्रता पर नजर रखने वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चीन में कम से कम 48 पत्रकार जेल में बंद हैं क्योंकि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग मीडिया पर नियंत्रण करने की कोशिश तेज कर दी है। इस बार चीन ने तुर्की को भी इस सूची में पीछे छोड़ दिया है। तुर्की में 47 पत्रकार जेल में बंद हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि तुर्की में पिछले साल 68 पत्रकार जेल में बंद थे। तुर्की सरकार ने 100 से ज्यादा समाचार आउटलेट बंद कर दिये हैं और कई पत्रकारों पर आतंकवाद से जुड़े मामले चल रहे हैं। सऊदी अरब में जेल में बंद 18 पत्रकारों के खिलाफ किसी आरोप का खुलासा नहीं हुआ है।

सीपीजे ने कहा है कि पत्रकारों को उनके काम की वजह से जेल में बंद नहीं किया जाना चाहिए।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(प्रतीकात्मक फोटो)