चीन ने हाल में अपने अंतरिक्ष स्टेशन तक सामान की आपूर्ति के लिए कार्गो स्पेसक्राफ्ट (Cargo Spacecraft) लांच किया है। तियानझोउ-5 नामक यह स्पेसक्राफ्ट चीन के स्पेस स्टेशन तक जरूरी सामान की आपूर्ति करेगा। जानकारी के अनुसार यह प्रक्षेपण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। 

China Cargo Spacecraft. चीन ने हाल में अपने अंतरिक्ष स्टेशन तक सामान की आपूर्ति के लिए कार्गो स्पेसक्राफ्ट (Cargo Spacecraft) लांच किया है। तियानझोउ-5 नामक यह स्पेसक्राफ्ट चीन के स्पेस स्टेशन तक जरूरी सामान की आपूर्ति करेगा। जानकारी के अनुसार यह प्रक्षेपण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। चीन के ह्यूमन स्पेस एजेंसी के अनुसार तियानझोउ-5 को लांग मार्च-7 वाई6 रॉकेट के हैनान प्रांत से लांच किया गया है। यह स्पेसक्राफ्ट अपनी कक्षा में सफलतापूर्वक इंट्री भी कर चुका है।

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चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट बताता है कि चीन ने यह लांचिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। माना जा रहा है कि यह कार्गो स्पेसक्राफ्ट, स्पेस स्टेशन के साथ मिलकर ऑपरेट करेगा। इससे पहले 31 अक्टूबर को चीन ने तियांगोंग स्पेशन स्टेशन के लिए यह मेंगटियन मॉड्यूल नाम से दूसरी प्रयोगशाला भी लांच की थी। चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन (CASTC) की पहले की गई घोषणा के अनुसार- लो-ऑर्बिट स्पेस स्टेशन का निर्माण इस साल पूरा होने की उम्मीद है। रिपोट्स कहती हैं कि तीन अंतरिक्ष यात्रियों वाले दो बैच में स्पेस स्टेशन पर भेजा जाएगा। 

एक बार यह तैयार हो गया तो चीन एकमात्र ऐसा देश होगा जिसके पास अपना स्टेस स्टेशन होगा। तब वह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन यानि नासा से कंपीटिशन कर सकेगा। नासा रूस सहित कई देशों की सहयोगी परियोजना है। रिपोर्ट्स की मानें तो सीएसएस आने वाले वर्षों में आईएसएस के बाद स्पेस में बने रहने वाला इकलौता स्पेस स्टेशन बन सकता है। चीन द्वारा बनाए जा रहे स्पेस स्टेशन की विशेषता यह है कि इसके पास दो रोबोटिक हथियार हैं। इन हथियारों को लेकर अमेरिका भी चिंता जता चुका है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार स्पेस स्टेशन के बाहर रोबोटिक हाथ उपग्रहों को पकड़ सकती हैं और उन्हें दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। 

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