इगुआला.  दुनिया कोरोना के कहर से जूझ रही है। संक्रमण को रोकने के लिए तमाम देशों में लॉकडाउन और इमरजेंसी लागू किया गया गया है। इस दौरान कई जगहों पर तमाम संस्थानें और लोग फंसे और बेसहारा लोगों तक मदद पहुंचा रहे हैं। वहीं, कई देशों में लॉकडाउन के पालन को लेकर अलद-अलग तौर तरीके अपनाए जा रहे हैं। इन सब के बीच मैक्सिकों से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों से दक्षिणी मैक्सिको के ग्युरेरो के कई इलाकों में रहवासियों को बिलबोर्ड्स दिखाई दे रहे हैं। इनमें लिखा है ‘इगुआला के रहवासियों, आप घर पर ही रहें, हम बाहर किसी तरह की अराजकता नहीं चाहते, आप लॉकडाउन का सम्मान करें, अगर कोई बाहर मिलता है तो हम उसे गंभीर चोट पहुंचाएंगे।’ ये संदेश स्थानीय अधिकारियों या सरकार की ओर से नहीं बल्कि ड्रग्स गैंग द्वारा लिखवाए गए हैं।

सरकार की अपील- न लें मदद 

मैक्सिको के कई राज्यों में इन आपराधिक गैंग्स ने कर्फ्यू लगा रखे हैं। इस दौरान लोगों को खाने-पीने और जरूरत का सामान भी इन्हीं गैंग्स के लोग पहुंचा रहे हैं। हालांकि, सरकार लोगों से आग्रह कर रही है कि इन आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों से मदद न लें, वरना भविष्य में इसके नतीजे खतरनाक होंगे।

कुछ अस्पताल इन गैंग्स का ले रहे हैं सहारा 

कोरोना संकट के बीच मैक्सिको के गुरेरो, मिचोआकेन, तमुलिपास और गुआनाजुआटो जैसे गरीब राज्यों में ये संगठन खाना पहुंचा रहे हैं। इसी तरह उत्तरी मैक्सिको की एक गैंग फूड बॉक्स के साथ हैंड सैनिटाइजर दे रही है। इस सील्ड बॉक्स पर गैंग का नाम लिखा रहता है। इसके अलावा मैक्सिको के कुछ अस्पताल मेडिकल उपकरण की कमी पूरी करने के लिए इन गैंग्स की मदद ले रहे हैं।

सरकार की चेतावनी- नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश में गैंग्स 

मैक्सिको के अलावा कोलंबिया, द.अफ्रीका और जापान में भी संगठित अपराध समूह जरूरी सामान की सप्लाई कर रहे हैं। इटली की तरह ही मैक्सिको की ये गैंग्स छोटे कारोबारियों को कम दरों पर कर्ज भी दे रही हैं। पर सरकार ने लोगों को चेतावनी दी है कि ये गैंग्स नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। जब संकट खत्म हो जाएगा तो ये एहसान का बदला मनी लॉन्ड्रिंग, पुलिस से सुरक्षा के रूप में मांगेंगे।

25 से 30 हजार रुपए तक की आर्थिक मदद दी

कुछ हफ्तों पहले इटली, ब्राजील और अल सल्वाडोर से भी इसी तरह की खबरें मिलीं थी। इटली के नैपल्स और पलेर्मो में भी कुछ आपराधिक गैंग्स लोगों को खाना और ड्रग्स दे रहीं थीं। दक्षिणी इटली में तो लोगों को 25 से 30 हजार रुपए तक की आर्थिक मदद और तोहफे दिए गए।