दिवाली यानी 20 अक्टूबर को पाकिस्तान की धरती एक बार फिर भूकंप से कांप उठी। रिएक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन के नीचे 10 किलोमीटर की गहराई में था।

Earthquake in Pakistan: दिवाली यानी 20 अक्टूबर को पाकिस्तान की धरती एक बार फिर भूकंप से कांप उठी। रिएक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र बीकानेर से 394 KM उत्तर-पश्चिम में जमीन के नीचे 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। बता दें कि इससे पहले शनिवार और रविवार को भी पाकिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। हालांकि, इनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4 थी। हालांकि, पिछले तीन दिनों से पाकिस्तान में आ रहे भूकंप के चलते अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लगातार कांप रही धरती से लोगों के दिलों में डर बैठ गया है।

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पाकिस्तान में क्यों आते हैं भूकंप?

पाकिस्तान भौगोलिक रूप से ऐसी जगह पर स्थित है, जहां यूरेशियन प्लेट का एक सिरा स्थित है। इस जगह पर पाकिस्तान के बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान जैसे प्रांत स्थित हैं। बलूचिस्तान खासतौर पर अरेबियन और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा के पास स्थित है। इसकी वजह से बलूचिस्तान और अफगानिस्तान के कुछ प्रांतों में भी भूकंप के झटके आते रहते हें। वहीं, सिंध और पंजाब इंडियन प्लेट के नॉर्थ-वेस्टर्न किनारे पर स्थित हैं, जिसकी वजह से पाकिस्तान के इन इलाकों में भी भूकंप आते हैं।

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8.1 तीव्रता का भूकंप झेल चुका पाकिस्तान

1945 में पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में 8.1 तीव्रता का भूकंप आ चुका है, जिसमें जान-माल का काफी नुकसान हुआ था। हालांकि, सिंध क्षेत्र में भूकंप कम आते हैं, लेकिन उसे भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं नहीं कहा जा सकता है। यही वजह है कि आपातकालीन सेवाओं से जुड़े ऑफिसर जनता को सतर्क रहने और भूकंप के सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दे रहे हैं।

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