Afghanistan के बदलते समीकरण के बीच ISIS भारत के लिए एक नई चिंता बनकर सामने आया है। आशंका जताई जा रही है कि 25 भारतीय इस  आतंकवादी संगठन से जुड़ गए हैं।

काबुल. कतर के दोहा में भारत और Taliban की पहली बैठक के बीच एक चौंकाने वाली जानकारी भी सामने आ रही है। 25 भारतीयों के आतंकी संगठन ISIS में शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। ये सभी अफगानिस्तान की जेलों में बंद थे, जिन्हें Taliban ने छुड़ाया था। हाल में इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISIS-K) में केरल के रहने वाले 14 लोगों के जुड़े होने की खबर सामने आई थी। माना जा रहा है कि ये काबुल में हुए हमलों की योजना में शामिल रहे हैं। भारत की सुरक्षा एजेंसियों को खबरें मिल रही हैं कि ये भारत में आतंकी गतिविधियां कर सकते हैं।

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नांगरहार प्रांत में मौजूद होने की खबर
मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार, ISIS में शामिल हुए ये 25 भारतीय अफगानिस्तान के नांगरहार प्रांत में मौजूद हो सकते हैं। भारतीय सुरक्षा एजेंसियो को आशंका है कि ISIS इनकी मदद से भारत में आतंक फैलाने की योजना बना सकता है। इन्हें पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर ही कॉम्बैट ट्रेनिंग दी जा रही है।

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एक पाकिस्तानी के जरिये ISIS तक पहुंचे
सुरक्षा एजेसियों की पड़ताल में सामने आया है कि इन सभी को पाकिस्तान के रहने वो मुंसिब नामक एक ISIS आतंकवादी ने रिक्रूट किया था। यह सोशल मीडिया पर अपना रिक्रूटमेंट सेल चलाता है। आईटी एक्सपर्ट मुंसिब ने इन सभी को पढ़ने के बहाने फांसा। फिर ब्रेन वॉश करके ISIS में दाखिल करा दिया।

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इससे पहले केरल के 14 लोगों की जानकारी सामने आई थी
इससे पहले इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISIS-K) से केरल के रहने वाले 14 लोगों के जुड़ने की जानकारी सामने आई थी। ये काबुल में हो रहे हमलों में शामिल माने जाते हैं। इन्हें तालिबान ने बगराम जेल से छुड़ाया था। इन्हीं लोगों ने 26 अगस्त को काबुल में तुर्कमेनिस्तान दूतावास के बाहर आईईडी विस्फोट की नाकाम योजना बनाई थी। बता दें कि जनवरी 2015 में स्थापत आतंकी संगठन ISIS-K उत्तरी और उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान और पाकिस्तान में सक्रिय है। इसी संगठन ने काबुल एयरपोर्ट पर हुए आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली थी।