Asianet News HindiAsianet News Hindi

Taliban Is Back: अफगानिस्तान में फंसे हैं अभी भी 500 से अधिक भारतीय; UNSC की बैठक में उठेगा मुद्दा

Afghanistan में Taliban की वापसी के बाद वहां अभी भी 500 से अधिक भारतीय फंसे हुए हैं। उन्हें वहां से सुरक्षित निकालने मंगलवार को PM ने हाईलेवल मीटिंग की थी। अब विदेशमंत्री यह मुद्दा UNSC में उठाएंगे।
 

External Affairs Minister Dr. S. Jaishank to raise the issue of Taliban and Indians in Afghanistan in UNSC meeting
Author
New York, First Published Aug 18, 2021, 8:20 AM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

नई दिल्ली. Afghanistan में Taliban की वापसी के बाद केंद्र सरकार वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार कोशिशें कर रही है। बताया जाता है कि इस समय भी अफगानिस्तान में 500 से अधिक भारतीय फंसे हुए हैं। इनमें 300 अकेले देहरादून के हैं। ये वो पूर्व सैनिक हैं, जो यूरोपियन, ब्रिटिश एबेंसी सहित अन्य जगहों पर सुरक्षा में तैनात थे।

मंगलवार को प्रधानमंत्री ने की थी हाईलेवल मीटिंग
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की थी और सभी संबंधित अधिकारियों को आने वाले दिनों में अफगानिस्तान से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिए। क्लिक करके विस्तार से पढ़ें

UNSC की बैठक में खास रहेगा अफगानिस्तान का मुद्दा
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता के दौरान 18 और 19 अगस्त को दो उच्च स्तरीय हस्ताक्षर कार्यक्रमों की अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान अफगानिस्तान का मुद्दा भी उठेगा। विदेश मंत्री ने बुधवार को एक tweet करके कहा-ईवा मारिया लीमेट्स(Eva-Maria Liimets) से मिलकर खुशी हुई। UNSC सदस्य के तौर पर समुद्री और साइबर सुरक्षा और अन्य वैश्विक मुद्दों पर साथ मिलकर काम करने पर चर्चा हुई। अफगानिस्तान के घटनाक्रम पर भी बातचीत हुई। बता दें कि ईवा एस्टोनिया गणराज्य के विदेश मामलों के मंत्री (Minister of Foreign Affairs of the Republic of Estonia) हैं।

अमेरिका से भी बात की
अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने एस. जयशंकर (S.Jaishankar) ने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन (Antony Blinken) से भी बातचीत की थी।

विदेश मंत्री के दो कार्यक्रम हैं
पहला कार्यक्रम 18 अगस्त को है। इसमें 'संरक्षकों की रक्षा: प्रौद्योगिकी और शांति व्यवस्था' पर एक खुली बहस होगी, जबकि 19 अगस्त, 2021 को दूसरा कार्यक्रम 'आतंकवादी कृत्यों के कारण अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरे' पर एक उच्च स्तरीय ब्रीफिंग होगी। ये दोनों विषय भारत की प्राथमिकताएं हैं।

यह भी पढ़ें

तालिबान come Back:आज हो सकता है मुखिया का ऐलान; 150 के बजाय 640 पैसेंजर लेकर उड़ा विमान
Taliban Is Back: आतंक का Welcome व अमेरिका की डरे-सहमे नागरिकों पर दादागीरी; फिल्मी स्टंट जैसी रियल PICS
तालिबान ने जारी किया रोडमैप: कहा- इस्लाम के अनुसार चलेगा देश, महिलाओं को शरियत के हिसाब से रहना होगा
अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति ने खुद को घोषित किया केयर टेकर राष्ट्रपति, कहा- हमने हौंसला नहीं खोया

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios