हमास ने 19 वर्षीय इजरायली सैनिक लिरी अलबाग का वीडियो जारी किया है, जिसमें वह रिहाई की अपील कर रही हैं। अलबाग अक्टूबर 2023 से हमास की कैद में हैं। उनके परिवार ने इजरायली सरकार से उनकी रिहाई के लिए प्रयास तेज करने का आग्रह किया है।

Israeli hostages Hamas Video: इजरायली सेना ने डेढ़ साल में पूरी गाजापट्टी को तबाह कर दिया है, मिसाइल हमलों और सैन्य कार्रवाई में लाखों निर्दोष फिलिस्तीनियों को मार दिया गया है। लेकिन अभी तक अपने बंधकों को छुड़ाने में असफल रहा। बातचीत और समझौतों के बाद कुछ बंधक हमास ने छोड़े हैं लेकिन अभी भी काफी संख्या में उसकी कैद में है। हमास ने शनिवार को 2023 में बंधक बनाई गई एक युवती का वीडियो जारी किया है। बंधक युवती, अपने अन्य महिला सैनिक साथियों के साथ पकड़ी गई थी और तभी से बंधक है।

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19 वर्षीय युवती का वीडियो सामने आने के बाद उसके परिजन ने ग्लोबल लीडर्स, इजरायल के जिम्मेदारों से अपील की है कि उनकी बेटी की वापसी सुनिश्चित की जाए।

क्या है पूरा मामला? कौन है युवती?

हमास की मिलिट्री विंग एज़ेदीन अल-क़स्साम ब्रिगेड ने शनिवार को एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में अक्टूबर 2023 के हमले के बाद से गाजा में बंधक बनाए गए एक इज़रायली बंधक को दिखाया गया है। वीडियो साढ़े तीन मिनट का है। वीडियो में एक 19 वर्षीय सैनिक लिरी अलबाग दिख रही हैं और वह हिब्रू में इज़रायली सरकार से रिहाई सुनिश्चित करने का आह्वान कर रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद अलबाग के परिवार ने अपील किया है कि इजरायली प्रधानमंत्री, ग्लोबल लीडर्स और अन्य जिम्मेदार लोगों को यह निर्णय लेने का समय आ गया है कि वे हमारे बच्चों को उसी तरह से रिहाई सुनिश्चित करें जैसे अपने बच्चों के लिए करते।

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अलबाग के साथ 5 और महिला सैनिक बंधक

परिजन के अनुसार, अलबाग की उम्र 18 साल थी जब उसे बंधक बनाया गया था। उसे गाजा बॉर्डर पर नाहल ओज़ बेस पर हमास के लड़ाकों ने छह अन्य महिला सैनिकों के साथ पकड़ लिया था। बंधक बनायी गई छह महिला सैनिकों में पांच अभी भी कैद में हैं।

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हमास-इजरायल युद्ध का 15 महीना पूरा

हमास और उसके सहयोगी इस्लामिक जिहाद ने गाजा में लगभग 15 महीनों की लड़ाई के दौरान अपने कब्जे में रखे गए इजरायली बंधकों के कई वीडियो जारी किए हैं। अक्टूबर 2023 में हमास ने इजरायल पर हमला किया था। हमास ने पांच हजार से अधिक रॉकेट्स से एक साथ हमला किए जाने के अलावा अपने गुरिल्ला लड़ाकों को भी जमीन की ओर से घुसपैठ कराकर हमला किया था। इस हमले में कम से कम एक हजार इजरायली मारे गए थे। इजरायल ने बताया कि 2023 के हमले के दौरान हमास ने 251 इजरायली और विदेशियों को बंधक बना लिया था। कई दफा बातचीत और समझौतों के बाद विदेशी सहित काफी संख्या में बंधकों को रिहा करा लिया गया लेकिन 96 बंधकों की रिहाई नहीं हो सकी। इजरायली सेना का कहना है कि उनमें से 34 की मौत हो गई है।

एक बार फिर बातचीत का दौर बंधकों की रिहाई के लिए होगी शुरू

हमास और इजरायल के बीच बंधकों की रिहाई और युद्ध विराम के लिए एक बार फिर बातचीत शुरू होने वाली है। कतर इस बातचीत की मध्यस्थता कर रहे देशेां में एक है। मध्यस्थता कतर, मिस्र और संयुक्त राज्य अमेरिका कर रहे हैं लेकिन उनके महीनों के प्रयास के बावजूद सीजफायर नहीं हो सका है। हालांकि, हमास ने बातचीत की बात तो स्वीकारी है लेकिन अभी तक कोई अपडेट नहीं सामने आया है।

नेतन्याहू पर भी बढ़ रहा प्रेशर

उधर, बंधकों को छुड़ाए जाने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए जाने का आरोप अब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर लग रहे हैं। बंधकों की रिहाई के लिए बने एक ग्लोबल मंच ने तेल अवीव में प्रदर्शन के दौरान बंधकों को मुक्त करने के लिए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रयासों की आलोचना करते हुए दुनिया के अन्य देशों के नेताओं से अपील की है। इजरायल में प्रधानमंत्री के आलोचकों ने उन पर सौदे में देरी करने का आरोप लगाया है। इसके पहले नेतन्याहू के ऑफिस ने दावा किया कि युद्धविराम और बंधक रिहाई के लिए बातचीत खातिर इजरायल की ओर से वार्ताकारों को अधिकृत कर दिया गया है।

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