पाकिस्तान की संसद भंग होने के बाद अगले 90 दिनों में चुनाव होना है। इमरान खान ने इसके लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। वे एक बार फिर से पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता पर काबिज होना चाहते हैं।  

इस्लामाबाद। संसद भंग होने का मास्टरस्ट्रोक चलने के बाद इमरान खान (Imran Khan) अगले चुनाव की तैयारियों के लिए पूरी तरह से सामने आ गए हैं। उन्होंने कल पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (PTI) के संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई है। यह बैठक अगले चुनावों में टिकट वितरण का फॉर्मूला तय करने के लिए बुलाई गई है। 

पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया के मुताबिक चुनावी अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद से इमरान का जोश हाई है। पाकिस्तान की एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने नेशनल असेंबली भंग करने के फैसले के बाद भी खान की अध्यक्षता में पार्टी की एक बैठक हुई थी। इस बीच सोमवार दोपहर पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट में संसद भंग करने को लेकर सुनवाई हुई। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, इमरान ने विपक्ष को घेरा 
सुप्रीम कोर्ट ने आज ही फैसला सुनाने की बात कही थी, लेकिन दलीलों के बीच कोई निर्णय नहीं आ सका। सुप्रीम कोर्ट में विपक्ष की याचिका की सुनवाई के दौरान ही इमरान ने देश की जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग अपने खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले बंद कराना चाहते हैं, वे विदेशी ताकतों के जरिये सत्ता में आने की कोशिश कर रहे हैं। पहले वे मुझसे इस्तीफा मांग रहे थे और चुनाव कराने की बात कर रहे थे। अब जब संसद भंग हो गया तो वे सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। वे अंपायर की मदद से मैच जीतना चाहते हैं। 

यह भी पढ़ें पाकिस्तान में सियासी संकट: डिप्टी स्पीकर के आदेश को निलंबित करने से SC का इनकार, नवाज शरीफ पर फिर हमला

अभी पीएम के रूप में काम जारी रखेंगे इमरान 
इमरान सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने कहा कि संघीय कैबिनेट भंग हो गया है, लेकिन इमरान खान प्रधानमंत्री के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करना जारी रखेंगे। नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने रविवार को इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। उन्होंने इस प्रस्ताव कोसंविधान के अनुच्छेद 5 का विरोधाभास करार देते हुए इसे असंवैधानिक कहा था। उधर, इमरान ने इस प्रस्ताव को विदेशी एजेंडा बताते हुए जनता से कहा था कि परेशान न हों। अध्यक्ष ने अपने अधिकार का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। मैंने राष्ट्रपति को विधानसभा भंग करने की सलाह भेजी है। अब पाकिस्तान में अगले 90 दिनों में चुनाव कराने की बात कही जा रही है। 

यह भी पढ़ें पाकिस्तान में सियासी घमासान : सुप्रीम कोर्ट में आज नहीं हो पाया फैसला, कल दोपहर 12 बजे फिर सुनवाई