India-Bangladesh Relation: भारत-बांग्लादेश के बीच ढाका में बैठक होना जा रही है। 25 से 28 अगस्त के बीच इस बैठक का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सीमा पर हत्याओं, घुसपैठों, तस्करी रोकने आदि जैसे मुद्दे पर गहरी चर्चा होगी। 

India-Bangladesh Ties: भारत की बीएसएफ और बांग्लादेश की बीजीबी के बीच ढाका में 25 से 28 अगस्त तक ढाका में चार दिन की बैठक होने जा रही है। बीजेपी के मुख्यालय पीलखाना में इस बैठक का आयोजन होगा। इस बैठक में सीमा पर हो रही हत्याएं और अवैध घुसपैठ रोकना, भारत से नशीले पदार्थ, हथियार और प्रतिबंधित सामान की तस्करी रोकना, अंतरराष्ट्रीय सीमा से 150 गज के अंदर अनधिकृत निर्माण रोकना, सीमा से लगी नदियों का सर्वे और पानी का बराबर बंटवारा, सीमा पर संयुक्त रूप से निगरानी और सुरक्षा योजना लागू करना, मीडिया में आई गलत खबरों से सीमा पर बने तनाव को कम करना।

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इससे पहले फरवरी में दिल्ली में दोनों देशों के बीच बैठक हुई थी। बांग्लादेश में स्थिति को देखते हुए भारत ने 9 मई से मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले में सीमा के पास रात का कर्फ्यू लगा दिया। कर्फ्यू का मकसद अवैध घुसपैठ और तस्करी रोकना है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इसे तुरंत लागू किया गया। पूर्वी खासी हिल्स के जिला मजिस्ट्रेट आर.एम. कुर्बा, आईएएस द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रात का कर्फ्यू रोजाना रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा और इसके जारी होने की तारीख - 8 मई, 2025 से दो महीने तक लागू रहेगा।

कर्फ्यू के दौरान इन चीजों पर लगेगा प्रतिबंध

कर्फ्यू ने सीमा के पास लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया, ताकि वे बांग्लादेश में प्रवेश न कर सकें या भारत में अवैध रूप से प्रवेश न कर सकें। इसने किसी भी अनधिकृत जुलूस या पांच या अधिक व्यक्तियों की गैरकानूनी सभा को प्रतिबंधित कर दिया और उन वस्तुओं को ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया जिन्हें हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे कि लाठी, छड़ और पत्थर। इन सबके बीच पूर्व शेख हसीना सरकार के 15 सालों के दौरान बांग्लादेश की विदेश नीति भारत के इर्द-गिर्द घूमती रही है। इस दौरान भारत बांग्लादेश का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर तो बना ही, साथ ही चीन और पाकिस्तान से भी सीमित संबंध रखे थे।