विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आज दुनिया में होने वाले रीयल-टाइम डिजिटल भुगतानों का 40 प्रतिशत भारत में होता है।

द्वीपसमूह मालदीव में यूपीआई सेवा शुरू होगी। भारत और मालदीव ने इस संबंध में समझौते पर हस्ताक्षर किए। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की तीन दिवसीय मालदीव यात्रा के दौरान यह समझौता हुआ।

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विदेश मंत्री ने एक्स पर लिखा कि मालदीव में डिजिटल भुगतान प्रणाली शुरू करने के लिए नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और मालदीव आर्थिक विकास और व्यापार मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। 

एस. जयशंकर ने कहा कि यूपीआई के जरिए भारत ने डिजिटल लेनदेन में क्रांति ला दी है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में होने वाले रीयल-टाइम डिजिटल भुगतानों का 40 प्रतिशत भारत में होता है। एस. जयशंकर ने कहा कि आज समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के साथ ही इस डिजिटल सिस्टम को मालदीव लाने की दिशा में पहला कदम उठाया गया है। 

एस. जयशंकर ने उम्मीद जताई कि इससे पर्यटन क्षेत्र में काफी बदलाव आएगा। पर्यटन मालदीव का प्रमुख आर्थिक स्रोत है। सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 30% पर्यटन से आता है। इसके अलावा, 60 प्रतिशत से अधिक विदेशी मुद्रा भी इसी माध्यम से आती है।

एकीकृत भुगतान इंटरफ़ेस यानी यूपीआई 2016 में शुरू किया गया था। इसके पीछे नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया है। सरकार ने 1 जनवरी 2020 से यूपीआई लेनदेन के लिए शून्य शुल्क नीति अनिवार्य कर दी थी। दिसंबर 2023 तक यूपीआई के जरिए 1200 करोड़ से ज्यादा लेनदेन हो चुके हैं। ये लेनदेन 18.23 लाख करोड़ रुपये के थे।