भारत में H-1B वीज़ा एपॉइंटमेंट मार्च 2026 तक टाल दिए गए। US कॉन्सुलेट ने सोशल मीडिया वेटिंग लागू की है। एप्लिकेंट और उनके परिवार के ऑनलाइन अकाउंट की जांच की जाएगी। नई पॉलिसी से H-1B इंटरव्यू रीशेड्यूल हुए हैं।

नई दिल्ली। भारत में H-1B वर्क वीज़ा के लिए अपॉइंटमेंट लेने वाले हजारों भारतीय एप्लिकेंट्स के लिए बड़ी खबर आई है। US कॉन्सुलेट ने सोशल मीडिया चेक और नई पॉलिसी के चलते ज्यादातर H-1B इंटरव्यू मार्च 2026 तक टाल दिए हैं। यानी जिन लोगों का इंटरव्यू दिसंबर 2025 में तय था, उन्हें अब अगले साल तक इंतजार करना होगा। US एम्बेसी ने साफ किया है कि अगर कोई एप्लिकेंट पहले से तय इंटरव्यू की तारीख पर कॉन्सुलेट पहुंचता है, तो उसे एंट्री नहीं दी जाएगी। नए मैसेज में बताया गया है कि मिशन इंडिया आपकी नई अपॉइंटमेंट डेट पर मदद करेगा।

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सोशल मीडिया चेक क्यों हो रहा है?

US सरकार ने इस साल तय किया कि H-1B वीज़ा लेने वालों के ऑनलाइन अकाउंट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स की जांच की जाएगी। अधिकारी देखेंगे कि कहीं एप्लिकेंट के पोस्ट या ऑनलाइन गतिविधियाँ “नेगेटिव” या US के लिए खतरा पैदा करने वाली तो नहीं हैं। इसमें केवल एप्लिकेंट ही नहीं, बल्कि उनके साथ आए परिवार के सदस्यों की प्रोफाइल, रिज्यूमे और लिंक्डइन जैसी प्रोफाइल भी चेक की जाएगी। अगर कोई फैक्ट-चेकिंग, कंटेंट मॉडरेशन, कम्प्लायंस या ऑनलाइन सेफ्टी वाले रोल में काम करता पाया गया, तो उसके इंटरव्यू को टाल या रिजेक्ट किया जा सकता है।

क्या बदलाव हुए हैं H-1B नियमों में?

2 दिसंबर को US स्टेट डिपार्टमेंट ने सभी मिशनों को निर्देश भेजे कि H-1B एप्लिकेंट्स की स्क्रीनिंग बहुत सख़्त होगी। इसका मकसद यह है कि कोई ऐसा व्यक्ति US में वीज़ा लेकर सुरक्षित अभिव्यक्ति या सेंसरशिप के नियमों का उल्लंघन न कर सके। सितंबर 2025 में, H-1B प्रोग्राम पर दबाव बढ़ा जब प्रेसिडेंट ट्रंप ने नए वीज़ा पर $100,000 की फीस लगाने का प्रस्ताव रखा। इससे एम्प्लॉयर की लागत बढ़ सकती है और भारत के वर्कर्स के लिए US में टेम्पररी नौकरी लेना महंगा और मुश्किल हो सकता है।

H-1B एप्लिकेंट्स को क्या करना चाहिए?

अगर आपको वीज़ा अपॉइंटमेंट टालने का मैसेज मिला है, तो अपनी नई अपॉइंटमेंट डेट का इंतजार करें। पहले तय इंटरव्यू की तारीख पर कॉन्सुलेट न जाएं, क्योंकि प्रवेश से रोक लग सकती है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर अपनी गतिविधियों और पोस्ट्स पर ध्यान दें। US एम्बेसी और स्टेट डिपार्टमेंट यह देखेंगे कि कोई “नेगेटिव पोस्ट” या US की सुरक्षा के लिए खतरा तो नहीं है।

क्या यह बदलाव सिर्फ भारत के लिए है?

नहीं, यह नियम पूरी दुनिया के H-1B एप्लिकेंट्स पर लागू हो सकता है, लेकिन भारत में बड़ी संख्या में लोग US वर्क वीज़ा के लिए अप्लाई करते हैं। इसलिए यहां इसे विशेष रूप से नोट किया गया है।

क्या भारतीय वर्कर्स को अमेरिका जाने में और मुश्किल होगी?

हां, यह बदलाव संकेत करता है कि H-1B वीज़ा प्राप्त करना अब पहले से और चुनौतीपूर्ण हो गया है। सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रोफाइल की जांच से एप्लिकेंट्स को अतिरिक्त तैयारी करनी होगी। क्या यह नए नियम अमेरिकी नौकरी की तलाश करने वाले भारतीयों के लिए परेशानी बढ़ाएगा? यह सवाल अब हर H-1B एप्लिकेंट के लिए प्रमुख बन गया है। यह नया वीज़ा नियम और सोशल मीडिया जांच पूरी प्रक्रिया को धीमा कर सकती है। भारतीय एप्लिकेंट्स को अब मार्च 2026 तक अपने इंटरव्यू का इंतजार करना होगा। इसलिए तैयारी, सतर्कता और नई पॉलिसी को समझना अब बेहद जरूरी हो गया है।