ईरान ने इजरायल पर हमला कर मुस्लिम देशों के बीच अपनी साख बढ़ाने के लिए अपने दुश्मन देशों से भी रिश्ते सामान्य करने में लग गया है। इसकी ये वजह ये भी है कि कई सारे मुस्लिम देशों ने इजरायल का खुलकर विरोध किया।

ईरान-पाकिस्तान के रिश्ते। ईरान ने हाल ही में इजरायल पर हमला किया था। इस दौरान ईरान ने इजरायल पर लगभग 300 मिसाइल समेत ड्रोन से हमला किया था। हालांकि, इस हमले में इजरायल को ज्यादा नुकसान का सामना नहीं करना पड़ा और उन्होंने ईरान के लगभग 99 फीसदी हमले को बेअसर कर दिया। इस्लामिक देश द्वारा हमला किए जाने पर दुनिया के कई मुस्लिम देशों ने प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, इसी बीच खबर आ रही है कि ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी बहुत जल्द पाकिस्तान का दौरा करने वाले हैं। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

इस बात की पुष्टि खुद देश पाक के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ न की है। उन्होंने बुधवार (17 अप्रैल) को कहा कि वो अपने रिश्ते ईरान के साथ सुधारना चाहते हैं। वहीं ये देखना दिलचस्प होगा की जो देश आज से तीन महीने पहले एक दूसरे के मौत के दुश्मन बने हुए थे, वो अचानक से एक-दूसरे से रिश्ते सुधारने की बात पर जोर दे रहे हैं।

इस सप्ताह ब्रॉडकास्ट जियो न्यूज ने सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि ईरानी राष्ट्रपति 22 अप्रैल को पाकिस्तान पहुंचेंगे। हालांकि, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने रिपोर्ट पर टिप्पणी के लिए रॉयटर्स के अनुरोध का जवाब नहीं दिया। लेकिन दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच रिश्तों में उतार-चढ़ाव आते रहे हैं, लेकिन जनवरी में दोनों देशों ने एक-दूसरे पर जैसा को तैसा के तर्ज पर हवाई हमले को अंजाम दिया था, जिसे युद्ध जैसे माहौल बन गए थे। 

वहीं अब ईरान ने इजरायल पर हमला कर मुस्लिम देशों के बीच अपनी साख बढ़ाने के लिए अपने दुश्मन देशों से भी रिश्ते सामान्य करने में लग गया है। इसकी ये वजह ये भी है कि कई सारे मुस्लिम देशों ने इजरायल का खुलकर विरोध किया और ईरान इसी का फायदा उठाकर मुस्लिम देशों का मसीहा बनना चाहता है।

ये भी पढ़ें: पाकिस्तान में एक्स पर अस्थायी रूप से लगा ताला, आंतरिक मंत्रालय ने की पुष्टी, जानें वजह