ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने कहा है कि हमास के नेता इस्माइल हानिया की हत्या छोटी दूरी तक मार करने वाले प्रोजेक्टाइल (मिसाइल) से हुई है। 

वर्ल्ड डेस्क। हमास नेता इस्माइल हानिया (Ismail Haniyeh) की हत्या की गुत्थी सुलझने की जगह उलझती जा रही है। द टेलीग्राफ ने रिपोर्ट दी कि इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के दो ईरानी एजेंटों ने तीन कमरों में विस्फोटक लगाकर हानिया की जान ली। अब ईरान के IRGC (Islamic Revolutionary Guard Corps) ने दावा किया है कि हानिया पर छोटी दूरी तक मार करने वाले मिसाइल से अटैक किया गया।

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IRGC ने कहा है कि तेहरान में हानिया की मौत गेस्टहाउस के बाहर से दागे गए छोटी दूरी के मिसाइल के चलते हुई। इसके वारहेड में 7 किलोग्राम विस्फोटक था। यह अपराध इजरायल ने अमेरिकी सरकार की मदद से किया है।

IRGC ने धमकी दी है कि ईरान इसका बदला लेगा। सही समय पर उचित जगह और तरीके से इसका कठोर जवाब दिया जाएगा। इस धमकी से मध्य पूर्व में व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका पैदा हो गई है। गाजा में युद्ध से पहले से ही इस क्षेत्र में भारी तनाव है।

तेहरान में हुई थी इस्माइल हानिया की हत्या

हमास के राजनीतिक अभियानों का नेतृत्व करने वाले हानिया की हत्या 30-31 जुलाई की दरम्यानी रात करीब 2 बजे हुई थी। वह तेहरान में ईरानी सरकार के एक गेस्टहाउस में ठहरा हुआ था। हानिया कतर में रह रहा था। वह ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने ईरान आया था।

ईरान की धमकी के बाद इजरायल और अमेरिका कर रहे पलटवार की तैयारी
इजरायल ने इस हत्याकांड में शामिल होने की न तो पुष्टि की है और न इनकार। ईरान की धमकी को देखते हुए इजरायल और अमेरिका हमले को रोकने और पलटवार करने की तैयारी कर रहे हैं। इजरायल के खुफिया अधिकारियों को आशंका है कि ईरान बड़े स्तर पर मिसाइल अटैक कर सकता है। इसे देखते हुए अमेरिका मध्य पूर्व में अतिरिक्त युद्धपोत और लड़ाकू विमानों को तैनात कर रहा है। 

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अमेरिका ने अपने एक एयर क्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को इस क्षेत्र में भेजा है। इस तरह के स्ट्राइक ग्रुप में एक विमान वाहक पोत, कई युद्धपोत, पनडुब्बी और सहायक पोत होते हैं। विमान वाहक पोत पर लड़ाकू विमान तैनात रहते हैं। वहीं, साथ में चल रहे युद्धपोत हमला करने आ रहे मिसाइलों को रोकते हैं। 

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