खूंखार आतंकी अबू-बक्र-अल-बगदादी की मौत के बाद यह संभावना जताई गई थी कि इस्लामिक स्टेट का खात्मा हो जाएगा। मगर मीडिया में आ रही रिपोर्ट्स की मानें तो बगदादी की मौत के बाद आईएस ने अपना नया सरगना चुन लिया है।

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वाशिंगटन. खूंखार आतंकी अबू-बक्र-अल-बगदादी की मौत के बाद यह संभावना जताई गई थी कि इस्लामिक स्टेट का खात्मा हो जाएगा। मगर मीडिया में आ रही रिपोर्ट्स की मानें तो बगदादी की मौत के बाद आईएस ने अपना नया सरगना चुन लिया है।

आईएस का नया सरगना कोई और नहीं अब्दुल्ला करदाश है। अब्दुल्ला इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन की सेना में अफसर रह चुका है। उसे प्रोफेसर के रूप में भी जाना जाता है। वह पहले से ही आईएस के रोज के कामकाज को कंट्रोल करता था।

बताते चलें कि इससे पहले बगदादी एक हवाई हमले में जख्मी हो गया था। जिसके बाद अब्दुल्ला ने ही उसका कामकाज संभाला था। अब्दुल्ला, बगदादी का बेहद है। दोनों को 2003 में अलकायदा से संबंध रखने के आरोप में इराक की जेल में साथ रहे थे। अल कायदा से टूट के बाद इस्लामिक स्टेट बना। 2014 में बगदादी ने खुद को इसका खकिफा घोषित कर दिया।

क्या अब्दुल्ला भी मारा जाएगा?
उधर, बगदादी के मर जाने की घोषणा करते हुए अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प ने इस्लामिक स्टेट के नए सरगना को भी लेकर बयान दिया था। रविवार को ट्रंप ने कहा था, "अब आईएस का नेतृत्व जिस हाथ में भी आएगा उस पर हमारी नजर बनी हुई है. हम जानते हैं कि इसे अब कौन संभालेगा और हमें उसका ठिकाना भी पता है.'' अगर अमेरिका को अब्दुल्ला के ठिकाने की जानकारी है तो हो सकता है कि अगले कुछ दिन में सिलामिक स्टेट के नए सरगना पर भी सफाए की मुहिम चले।