अफ्रीकन कंट्री लीबिया में बाढ़ और तूफान ने भारी तबाही मचा दी है। जानलेवा बाढ़ और तूफान के बाद दो डैम टूट गए जिससे डेर्नो शहर पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। राहत कर्मियों को यहां-वहां लाशें मिल रही हैं।

Libya Floods Storm. अफ्रीकी देश लीबिया में बाढ़ और तूफान ने भारी तबाही मचा दी है। वहां के दो डैम टूट जाने के बाद डेर्नो शहर पूरी तरह से मलबे में जमींदोज हो गया है। रिपोर्ट्स की मानें तो इस भीषण आपदा में अब तक 5000 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 15000 से ज्यादा लोग अभी भी लापता है। राहत और बचाव कार्यों में भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और सुरक्षाकर्मियों को यहां-वहां सिर्फ लोगों की लाशें ही मिल रही हैं। अभी तक करीब 700 डेड बॉडीज की शिनाख्त तक नहीं हो पाई है।

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रेस्क्यू ऑपरेशन के जवान भी लापता

रिपोर्ट्स के अनुसार लीबिया में राहत और बचाव कार्यों में लगे करीब 123 सैनिक भी लापता हैं। यही कारण है कि रेस्क्यू ऑपरेशन भी बहुत मुश्किल से हो पा रहा है। लीबिया के एयरपोर्ट्स पूरी तरह से बेकार हो चुके हैं जिसकी वजह से कार्गो फ्लाइट्स की लैंडिंग भी नहीं हो पा रही है। लीबिया के हेल्थ मिनिस्टर की मानें तो कई एरिया में लाशें पानी पर तैरती नजर आई हैं। कई घरों में तो लाशें सड़ चुकी हैं।

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दो डैम भी हो गए बर्बाद

अल जजीरा की रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पोर्ट सिटी डेर्नो के पास बने दो डैम पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और बाढ़-तूफान की वजह से बर्बाद हो गए। रिपोर्ट्स के अनुसार डैम की ऊंचाई करीब 230 फीट थी जिसकी ठीक से देखभाल भी नहीं की जा रही थी। यही वजह है कि डैम टूटने के बाद उसका पानी भी शहर में घुस गया जिसने भारी तबाही मचाई। सड़कों पर लाशें बिखरी पड़ी हैं और उनकी शिनाख्त तक नहीं हो पा रही है।

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क्यों हुई इतनी बड़ी तबाही

न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि लीबिया के पूर्वी हिस्से में करीब 80 प्रतिशत तक तबाही हुई है। लीबिया में दर्जनों कबीले हैं और हर कबीले का अपना शासन है। यही वजह है कि लीबिया में सरकार का होना या न होना बराबर ही है। वहीं अमेरिका, स्पेन और तुर्किये के साथ ही यूनाइटेड नेशंस और रेडक्रॉस की तरफ से लीबिया में मदद भेजी जा रही है।

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