अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद जंग दोबारा कैसे भड़की? इजराइल ने ईरान के किन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया? तेहरान, तबरीज और इस्फहान में हुए विस्फोटों की वजह क्या है? इराक और सीरिया ने हवाई क्षेत्र बंद करने का फैसला क्यों लिया?
Iran-Israel War Timeline: अप्रैल में हुए सीजफायर के करीब दो महीने बाद ईरान और इजराइल के बीच एक बार फिर युद्ध शुरू हो चुका है। रविवार रात ईरान ने इजराइल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया, जिसके बाद इजराइल ने भी कुछ घंटों के भीतर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि यह हमला लेबनान में हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर इजराइली हमलों के जवाब में किया गया है। मिसाइल हमलों के बाद इजराइल के कई इलाकों में सायरन बजाए गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए।

एयरस्पेस बंद, क्षेत्रीय तनाव में बढ़ोतरी
हमलों के बाद ईरान ने तेहरान स्थित इमाम खोमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास के एयरस्पेस को बंद कर दिया। इसके अलावा ईरान के पश्चिमी हिस्से का हवाई क्षेत्र भी अगली सूचना तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए इराक ने 72 घंटे के लिए और सीरिया ने 12 घंटे के लिए अपना एयरस्पेस बंद करने की घोषणा की है।
अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट में दो और ड्रोन गिराने का दावा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बने दो ईरानी ड्रोन को मार गिराया गया। लगातार दूसरे दिन अमेरिका ने ऐसे ड्रोन नष्ट करने की जानकारी दी है।
अमेरिका-ईरान बातचीत फिर अटकी
ईरान ने कहा है कि अमेरिका के लगातार बदलते रुख की वजह से दोनों देशों के बीच बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है। तेहरान ने एक बार फिर यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार और विदेशों में फ्रीज की गई अरबों डॉलर की संपत्तियों को जारी करने की मांग दोहराई है।
Iran Israel War Timeline: 3 महीने में कैसे बढ़ा तनाव?
28 फरवरी
अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया। इस दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई।
2 मार्च
ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह ने खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए इजराइल पर मिसाइल हमले किए।
8 मार्च
अली खामेनेई की मौत के सात दिन बाद उनके बेटे मोज्तबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाया गया।
28 मार्च
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी इजराइल पर मिसाइल हमले शुरू किए।
3 अप्रैल
ईरान ने अमेरिका के एक लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया।
5 अप्रैल
अमेरिका ने ईरान के भीतर अभियान चलाकर अपने पायलट को सुरक्षित बाहर निकाला।
7 अप्रैल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर की घोषणा की।
10 अप्रैल
पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बैठक हुई, लेकिन कोई शांति समझौता नहीं हो सका।
12 अप्रैल
अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की नाकाबंदी शुरू की।
3 मई
अमेरिका ने जहाजों की सुरक्षा के लिए "प्रोजेक्ट फ्रीडम" शुरू किया।
5 मई
ईरानी हमले के बाद अमेरिका ने प्रोजेक्ट फ्रीडम को रोकने की घोषणा की।
31 मई
इजराइल ने लेबनान के बोफोर्ट किले पर कब्जा कर लिया।
3 जून
अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे के ठिकानों पर फिर हमले किए।
7 जून
Middle East Crisis: आगे क्या?
ईरान और इजराइल के बीच दोबारा शुरू हुई सैन्य कार्रवाई ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है। एयरस्पेस बंद होने, मिसाइल हमलों और अमेरिका की सक्रिय भूमिका के कारण क्षेत्र की स्थिति लगातार संवेदनशील बनी हुई है। दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि दोनों देशों के बीच बढ़ता यह संघर्ष आने वाले दिनों में किस दिशा में जाता है।


