South Korea Heatwave 2026: पूर्वी एशिया इस वक्त भीषण गर्मी की चपेट में है. हालात इतने खराब हैं कि साउथ कोरिया, जापान और हांगकांग में ज़मीन भट्टी की तरह तप रही है और खेतों में आलू जैसी फसलें ज़मीन के अंदर ही 'उबल' जा रही हैं.
South Korea Record Heat: पूर्वी एशिया इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रहा है। साउथ कोरिया, जापान और हांगकांग में रिकॉर्ड तापमान ने लोगों के साथ-साथ खेती और पशुधन को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। साउथ कोरिया से सामने आई एक तस्वीर ने इस बढ़ती गर्मी के खतरे को और गंभीर बना दिया है। यहां एक किसान के खेत से ऐसे आलू निकले हैं, जो देखने में लगभग उबले हुए लग रहे थे। किसान का कहना है कि तेज गर्मी ने खेत की मिट्टी को ही भट्टी जैसा बना दिया।
खेत खोदा तो मिले नरम और पिचके हुए आलू
द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, साउथ कोरिया की राजधानी सियोल से करीब 130 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित यांग्गु काउंटी में किसान ली सांग-ह्युक के खेत में यह असामान्य स्थिति देखने को मिली।
करीब एक सप्ताह पहले तक गैंगवोन प्रांत में उनकी आलू की फसल सामान्य दिखाई दे रही थी। लेकिन जब उन्होंने मिट्टी खोदकर आलू निकाले तो उनकी हालत देखकर हैरान रह गए। आलू नरम और पिचके हुए थे और उनकी स्थिति कुछ ऐसी थी, जैसे उन्हें पहले ही उबाल दिया गया हो।
किसान ने स्थानीय ब्रॉडकास्टर SBS से बातचीत में अपनी परेशानी जाहिर करते हुए कहा कि यह समस्या सिर्फ एक-दो खेतों तक सीमित नहीं है। उन्होंने इसे बेहद दुखद स्थिति बताया।
42.5 डिग्री तापमान ने तोड़ा रिकॉर्ड
साउथ कोरिया में इस साल गर्मी ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 2 अगस्त को यांगसान शहर में तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। आधुनिक मौसम रिकॉर्ड शुरू होने के बाद से यह देश में दर्ज सबसे अधिक तापमान बताया जा रहा है।
भीषण गर्मी का असर सिर्फ फसलों तक सीमित नहीं रहा। रिपोर्ट के अनुसार, गर्मी से देशभर में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा करीब 9 लाख मवेशियों और 14 लाख पाली गई मछलियों की भी मौत की खबर है।
जापान में पहली बार घोषित हुआ ‘बेहद गर्म दिन’
साउथ कोरिया का पड़ोसी जापान भी रिकॉर्ड गर्मी से जूझ रहा है। देश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंच गया। जापान ने पहली बार ‘कोकुशोबी’ यानी ‘बेहद गर्म दिन’ की नई श्रेणी का इस्तेमाल किया है।
इस भीषण गर्मी का असर जानवरों पर भी पड़ा है। टोक्यो के एक चिड़ियाघर में तीन शेरों की मौत हुई, जिनके लिए हीटस्ट्रोक को संभावित कारण माना जा रहा है।
हांगकांग और चीन में भी गर्मी का कहर
हांगकांग में आधिकारिक तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह 1884 में रिकॉर्ड रखने की शुरुआत के बाद वहां दर्ज सबसे अधिक तापमान बताया गया है। वहीं चीन के पश्चिमी शिनजियांग क्षेत्र के एक मौसम केंद्र ने जुलाई में 50 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया।
नॉर्थ कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में भी लगातार कई रातें ‘ट्रॉपिकल नाइट्स’ के रूप में दर्ज हुईं, जहां रात का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गया।
खेती और भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता
पूर्वी एशिया में लगातार बढ़ते तापमान का असर अब सिर्फ इंसानों के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। फसलों, पशुओं, जल स्रोतों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी इसका प्रभाव दिखाई देने लगा है।
साउथ कोरिया के खेतों से निकल रहे ये ‘उबले’ आलू इसी बदलते मौसम की एक चिंताजनक तस्वीर पेश करते हैं। वैज्ञानिकों और किसानों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि लगातार बढ़ती चरम गर्मी के बीच खेती और खाद्य उत्पादन को कैसे सुरक्षित रखा जाए।
