ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त रुचि घनश्याम ने कहा, “ सांस्कृतिक विरासत को दिखाने के लिए तमाम लोगों से साड़ियां उधार ली गईं थी। इसमें एक साड़ी मेरी भी थी।” रुचि को साड़ियों में बेहद दिलचस्पी है और वह सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों में साड़ियों में ही नजर आती हैं। 

लंदन. ‘लंदन फैशन वीक’ में पहली बार मनाए गए ‘इंडिया डे’ में भारत के विभिन्न हिस्सों में पहने जाने वाली साड़ियों का जलवा दिखा।

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कैटवॉक के लिए चुनी गई थी 17 साड़ियां

लंदन में भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित एक कैटवॉक के लिए चुनी गई 17 विभिन्न तरह की साड़ियों ने लोगों को आकर्षित किया। इनमें उत्तर भारत से कश्मीरी और फुलकारी, पश्चिम बंगाल से कांथा और बालूचरी, गुजरात से घरचोला, महाराष्ट्र से पैठणी, तमिलनाडु से कांजीवरम और केरल से कसावु साड़ियां आदि शामिल थीं।

एक साड़ी को बनाने में विज्ञान, कला तथा रचनात्मकता का योगदान होता है

ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त रुचि घनश्याम ने कहा, “ सांस्कृतिक विरासत को दिखाने के लिए तमाम लोगों से साड़ियां उधार ली गईं थी। इसमें एक साड़ी मेरी भी थी।” रुचि को साड़ियों में बेहद दिलचस्पी है और वह सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों में साड़ियों में ही नजर आती हैं। उन्होंने कहा कि यह समारोह उन अद्भुत कारीगरों और बुनकरों के नाम था जो इनका निर्माण करते हैं। प्रत्येक राज्य की एक अलग बुनाई होती है और एक साड़ी को बनाने में विज्ञान, कला तथा रचनात्मकता का योगदान होता है।

स्मृति ईरानी ने इस समारोह को भारत का गौरव बताया

केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने एक वीडियो संदेश में कहा, “ये हजारों बुनावट आपके लिए भारतीय वस्त्रों की समृद्ध विविधता लेकर आई है। साड़ी एक कपड़ा मात्र नहीं बल्कि वस्त्रों की हमारी विरासत के महत्त्वपूर्ण प्रतिबिंब के साथ ही यह भारतीय गौरव का विषय है।” ब्रिटेन के विदेश मंत्री लॉर्ड तारिक अहमद, ब्रिटेन में इज़राइल के राजदूत मार्क रेगेव और ब्रिटेन में बांग्लादेशी उच्चायुक्त सईदा मुना तसनीम ने इस खास समारोह में शिरकत की ।

‘लंदन फैशन वीक’ में ‘इंडिया डे’ का आरंभ शुक्रवार को हुआ था और इसका समापन मंगलवार को होगा।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)