मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति नशीद ने राष्ट्रपति मुइज्जू को चीन से किए गए समझौते पर सलाह देते हुए कहा है कि सरकारें बंदूकों से नहीं चलती हैं। उन्होंने भारतीयों से माफी मांगते हुए ये भी अपील की है वे पुरानी बातें भुलाकर पर्यटन का आनंद लेने फिर से आएं। 

मालदीव्स। मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति नशीद ने देश के चीन के साथ किए गए समझौते को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि ये रक्षा समझौता जैसा तो नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होंने मौजूदा राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू को सलाह देते हुए ये भी कहा है कि राष्ट्रपति को ये समझना चाहिए कि सरकारें बंदूकों से नहीं चलती हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारत के साथ हुए मालदीव के विवाद को भी जल्द सुलझाने पर जोर दिया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

मालदीव को चीन की सेना हथियार और ट्रेनिंग देगी
मालदीव के साथ चीन ने हाल ही एक समझौता किया है। राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने समझौते में तय किया है कि चीन की ओर से उन्हें हाइटेक हथियार महैय्या कराए जाएंगे। इसके साथ ही चीन की सेना मालदीव के सैनिकों को प्रशिक्षण भी देगी। खास बात ये है कि मुइज्जू सरकर देश की सैन्य शक्ति का विस्तार करने के साथ उसे बढ़ाना चाहती है।

पढ़ें मालदीव: मुइज्जू सरकार की गलतियों के चलते पूर्व राष्ट्रपति ने भारत से मांगी माफी, लगाई ये गुहार

पूर्व राष्ट्रपति नशीद ने समझौते पर जताया अफसोस
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति नशीद ने मुइज्जू सरकार की ओर से चीन के साथ किए गए समझौते पर अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि ये कोई रक्षा समझौता जैसा नहीं लग रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार चीन से आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियां खरीदना चाह रही है। उन्होंने कहा कि ये अफसोस की बात है कि सरकार को ऐसा लगता है कि इन चीजों की जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि मुइज्जू को ये पता होना चाहिए कि सरकारें बंदूकों से नहीं चलती हैं।

पूर्व राष्ट्रपति ने संबंध सुधारने की अपील की
पूर्व राष्ट्रपति नशीद ने कहा कि राष्ट्रपति मोहम्मद मुज्जू ऐसी तीखी बातचीत कृपया बंद करें। उन्होंने राष्ट्रपति की भारत को लेकर की गई बातों को निराशाजनक करार दिया है। उन्होंने भारत और मालदीव्स के बीच संबंध सुधारने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो भी विवाद है उसे जल्द सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने भारतीयों से माफी मांगते हुए मालदीव आने की अपील भी की।