स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा के महत्व को कम आंकने के कारण ही उस माँ ने अपने बेटे को बुनियादी शिक्षा देने के बाद इस तरह का प्रशिक्षण देने का फैसला किया। 

माँ-बाप अपने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर बड़ा करने के सपने के साथ स्कूल भेजते हैं। लेकिन, एक माँ को डर था कि स्कूल जाने से उसका बेटा आलसी हो जाएगा, इसलिए उसने उसे एक ऐसा सबक सिखाने के लिए स्कूल से हटा दिया जो स्कूल में नहीं सिखाया जाता। यह खबर अब चीनी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। पैसे की कीमत और कड़ी मेहनत का महत्व सिखाने के लिए माँ ने अपने बेटे को स्कूल से निकाल दिया। फिर उन्होंने उसे एक स्नैक स्टॉल पर काम पर लगा दिया। माँ का अनुमान सही निकला। उसके बेटे ने वह सबक अच्छी तरह सीख लिया और आज वह सिर्फ 10 दिनों में 10,000 युआन (एक लाख रुपये) कमा लेता है। 

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साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी चीन की रहने वाली डेंग नाम की एक माँ ने अपने 17 वर्षीय बेटे को जीवन का असली पाठ पढ़ाने के लिए एक स्नैक स्टॉल पर काम पर लगा दिया। स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा के महत्व को कम आंकने के कारण ही उस माँ ने अपने बेटे को बुनियादी शिक्षा देने के बाद इस तरह का प्रशिक्षण देने का फैसला किया। इस माँ का मानना है कि अब उसके बेटे डेंग को कड़ी मेहनत की कीमत सीखनी चाहिए। 

उसने नाश्ता बनाने से लेकर ग्राहकों को बेचने तक का हुनर सीखा। बाद में उसने अपना एक चलता-फिरता स्नैक स्टॉल शुरू किया। आज कड़ी मेहनत से वह दस दिन में एक लाख रुपये से ज़्यादा कमा लेता है। डेंग तीन साल से ज़्यादा समय से झेजियांग प्रांत के जियाक्सिंग में एक स्ट्रीट स्टॉल पर काम कर रहा है। डेंग की माँ का कहना है कि उनका मानना है कि चुनौतीपूर्ण काम के माहौल से उनके बेटे को शिक्षा को और अधिक गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित करेगा। इस माँ का कहना है कि इससे उनके बेटे को यह समझने में मदद मिलेगी कि पैसा कमाना आसान नहीं है और उसे जीवन की चुनौतियों का सामना खुद करना होगा।