अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने सोमवार को इतिहास रच दिया। मंगल पर Ingenuity हेलिकॉप्टर ने पहली बार उड़ान भर भरी। यह हेलिकॉप्टर परसेवेरेंस रोवर के साथ मंगल पर भेजा गया था। इसे लेकर नासा के वैज्ञानिकों ने 6 साल तक कड़ी मेहनत की थी। 

वॉशिंगटन. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने सोमवार को इतिहास रच दिया। मंगल पर Ingenuity हेलिकॉप्टर ने पहली बार उड़ान भर भरी। यह हेलिकॉप्टर परसेवेरेंस रोवर के साथ मंगल पर भेजा गया था। इसे लेकर नासा के वैज्ञानिकों ने 6 साल तक कड़ी मेहनत की थी। 

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नासा ने इस ऐतिहासिक पल का लाइव प्रसारण किया। नासा के मुताबिक, हेलिकॉप्टर ने मंगल ग्रह पर जेजेरो क्रेटर में बनाए गए एक अस्थाई हेलिपैड से उड़ान भरी। यह पहला मौका था, जब धरती के अलावा दूसरे ग्रह पर किसी हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरी हो। इस मिशन को कैलिफोर्निया स्थित जेट प्रोपल्सन लैबरेटरी से कंट्रोल किया जा रहा था। 

1.8 किग्रा का हेलिकॉप्टर
Ingenuity हेलिकॉप्टर 1.8 किग्रा का है। इसने चार कार्बन-फाइबर ब्लेड के सहारे उड़ान भरी। ब्लेड 2400 राउंड प्रति मिनट की दर से घूमने में सक्षम हैं। इतना ही नहीं यह स्पीड धरती पर मौजूद हेलिकॉप्टरों के ब्लेड की स्पीड से लगभग 8 गुना ज्यादा है। ब्लेड की स्पीड तेज करने के पीछे वजह ये है कि मंगल का वातावरण धरती की तुलना में 100 गुना अधिक पतला है।

10 फीट ऊंचा उड़ा हेलिकॉप्टर 
Ingenuity हेलिकॉप्टर लगभग 10 फीट की ऊंचाई तक उड़ने में सफल रहा। इसके बाद यह नीचे उतर आया। यह हेलिकॉप्टर अगले चार 30 दिन में ऐसी ही चार उड़ानें तय करेगा। हालांकि, हर बार ज्यादा ऊंचाई और दूरी तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।