नाइजीरिया की एक यूनिवर्सिटी में परीक्षा देने के लिए छात्राओं के लिए ब्रा पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम के विरोध और समर्थन में लोग उतर आए हैं।

No Bra No Exam: परीक्षा देने के लिए आपने कई बार सुना होगा कि चेन, अंगूठी, माला उतरवाई जाती हैं, लेकिन एक देश ने तो एग्जाम में बैठने के लिए अजीबोगरीब नियम लागू किया है। दरअसल, ये नियम अफ्रीकी देश नाइजीरिया की एक यूनवर्सिटी ने वहां पढ़ने वाली छात्राओं पर लागू किया है। इस नियम के मुताबिक, परीक्षा में बैठने वाली लड़कियों के लिए ब्रा पहनना जरूरी है। एक रिपोर्ट में बताया गया कि ऐसा कथित तौर पर यूनिवर्सिटी के ड्रेस कोड को लागू करने के लिए किया गया था।

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क्या है पूरा मामला?

नाइजीरिया के साउथ-वेस्ट प्रांत ओगुन में स्थित ओलाबिसी ओनाबांजो यूनिवर्सिटी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ महिला कर्मचारी छात्राओं की फिजिकल जांच करती नजर आ रही हैं। इस जांच में सिर्फ उन लड़कियों को ही परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जा रही है, जिन्होंने ब्रा पहनी है। हालांकि, इस जांच को लेकर यूनिवर्सिटी की ओर से अब तक कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं दिया गया है। लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद पूरे देश में गुस्सा है और लोग इस नियम का जमकर विरोध कर रहे हैं।

विरोध ही नहीं, सपोर्ट में भी उतरे लोग

अजीब बात है कि नाइजीरिया में लोग सिर्फ इसके विरोध में नहीं, बल्कि समर्थन में भी हैं। स्टूडेंट यूनियन के एक नेता मुइज ओलानरेवाजू ने यूनिवर्सिटी के इस अजीबोगरीब नियम का समर्थन करते हुए कहा कि ये एक ड्रेस कोड पॉलिसी है, जिसका मकसद महिलाओं के लिए एक मर्यादित और सम्मानजनक एन्वायर्नमेंट बनाना है। इससे छात्राएं संस्थान के मूल्यों को ध्यान में रखते हुए शालीन कपड़े पहनने के प्रति जागरूक होंगी। बता दें कि मुस्लिम देश नाइजरिया में काफी रूढ़ियां हैं।

किस तरह के कपड़ों पर रोक?

बता दें कि ओलाबिसी ओनाबांजो यूनिवर्सिटी में ड्रेस कोड पॉलिसी लागू है और उन सभी कपड़ों पर बैन है, जो विपरीत जेंडर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करें। इस यूनिवर्सिटी की स्थापना 1982 में हुई थी। नाइजीरिया की यूनिवर्सिटी में महिलाओं के अंडरगार्मेंट्स को लेकर मचे बवाल के बाद अब माना जा रहा है कि छात्राएं यूनिवर्सिटी पर केस कर सकती हैं।

जांच के नाम पर महिलाओं से अभद्रता

ह्यूमन राइट्स नेटवर्क की एक सीनियर ऑफिस के मुताबिक, छात्राएं अपने अधिकारों के उल्लंघन के लिए विश्वविद्यालय पर मुकदमा करने का मन बना चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जांच के नाम पर किसी भी महिला के शरीर को गलत तरीके से छूना अपराध है। इसे लेकर कानूनी एक्शन लिया जाएगा। अभद्र कपड़ों पर रोक लगाने के और भी तरीके हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि लड़कियों के साथ गलत किया जाए।