बच्चे के जन्म को लेकर वैज्ञानिकों के बड़ी सफलता हाथ लगी है। जी हां, अब बिना मानव शुक्राणु और अंडों के भी बच्चे का जन्म संभव है। क्योंकि वैज्ञानिकों को पहला सिंथेटिक मानव भ्रूण तैयार करने में सफलता मिली है।

First Synthetic Human Embryos. बच्चे के जन्म को लेकर वैज्ञानिकों के बड़ी सफलता हाथ लगी है। जी हां, अब बिना मानव शुक्राणु और अंडों के भी बच्चे का जन्म संभव है। क्योंकि वैज्ञानिकों को पहला सिंथेटिक मानव भ्रूण तैयार करने में सफलता मिली है। साइंटिस्ट्स टीम ने स्टेम सेल से सिंथेटिक मानव भ्रूण जैसी संरचना बनाने में कामयाबी पाई है। कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने स्टेम सेल के प्रयोग से सिंथेटिक मानव भ्रूण तैयार किया है। इसमें अंडे या फिर मानव शुक्राणु की बिल्कुल भी जरूरत नहीं पड़ती है। यह एक तरह की क्रांति है और आने वाले दिनों में इस पर और भी रिसर्च होंगे।

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क्या कहते हैं वैज्ञानिक

वैज्ञानिकों के मुताबिक ये मॉडल भ्रूण जो मानव विकास के शुरुआती चरणों में बढ़ने के समान है। यह आनुवंशिक असामान्यताओं के प्रभाव और बार-बार होने वाले गर्भपात के जैव रासायनिक कारणों के बारे में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्रदान कर सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार संरचनाओं में धड़कने वाले दिल और विकासशील मस्तिष्क की कमी होती है लेकिन उनमें ऐसी कोशिकाएं होती हैं जो आमतौर पर प्लेसेंटा, योक सैक और भ्रूण में विकसित होती हैं।

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दुनिया का पहला सिंथेटिक मानव भ्रूण

यह मानव इतिहास में किसी क्रांति से कम नहीं है क्योंकि बिना अंडे और शुक्राणु के मानव भ्रूण का विकास होना बड़ी उपलब्धि है। रिपोर्ट्स की मानें तो वैज्ञानिकों की यह रिसर्च अभी प्रारंभिक दौर में है और जल्द ही इस पर और भी रिसर्च की जाएगी। इससे पहले निःसंतान दंपत्तियों के लिए आईवीएफ तकनीकी से बच्चे पैदा करने की खोज हो चुकी है और इस तकनीक के माध्यम से लाखों लोगों ने बच्चों को जन्म दिया है।

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