नॉर्थ कोरिया की आधिकारिक मीडिया ने बुधवार (24 अप्रैल) को दोनों देशों के बीच गुप्त सैन्य संबंधों के आदान-प्रदान की एक दुर्लभ सार्वजनिक रिपोर्ट में ईरान जाने की बात कही है।

ईरान का दौरा करेगा नॉर्थ कोरिया। इस वक्त ईरान और इजरायल के बीच तनातनी का माहौल है। इसके पीछे की वजह ये है कि दोनों देशों ने एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। इसकी शुरुआत 1 अप्रैल को होती है, जब सीरिया में किए गए यहूदी हमले में ईरानी सेना के टॉप अधिकारी की मौत हो जाती है, जिसके जवाब में ईरान इजरायल पर 13 अप्रैल को कम से कम 300 मिसाइल और ड्रोन से हमला करता है। बाद में नेत्यानाहू की सेना भी पलटवार करते हुए इस्लामिक देश पर हमला करती है। इसके बाद मिडिल ईस्ट में क्षेत्रीय युद्ध की आशंका बढ़ गई है। इसी बीच ये खबर समाने आई है कि नॉर्थ कोरिया का एक प्रतिनिधिमंडल ईरान का दौरा करने वाला है।

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रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए कैबिनेट मंत्री के नेतृत्व में मंत्रियों का एक समूह इस्लामिक देश का दौरा करने वाला है। हालांकि, इजरायल से युद्ध की आशंका के बीच किम जोंग के नेताओं का दौरा कई तरह से सवाल भी खड़ा कर रहा है, क्योंकि नॉर्थ कोरिया वही देश है, जिसने रूस को यूक्रेन के खिलाफ हथियारों की सप्लाई की थी। इसके वजह से आशंका ये भी जताई जा रही है, कही ने ईरान नॉर्थ कोरिया के साथ हथियारों की डील कर सकता है, जिसका इस्तेमाल वो इजरायल के खिलाफ युद्ध में कर सकता है।

नॉर्थ कोरिया और ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम

नॉर्थ कोरिया की आधिकारिक मीडिया ने बुधवार (24 अप्रैल) को दोनों देशों के बीच गुप्त सैन्य संबंधों के आदान-प्रदान की एक दुर्लभ सार्वजनिक रिपोर्ट में ईरान जाने की बात कही है। नॉर्थ कोरिया की KCN समाचार एजेंसी ने कहा कि विदेश आर्थिक संबंधों के मंत्री युन जोंग हो मंगलवार को ईरान की यात्रा के लिए मंत्रालय के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए हवाई मार्ग से प्योंगयांग से रवाना हुए। 

उत्तर कोरिया और ईरान पर लंबे समय से बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों पर काम कर रहे हैं। इसके कारण अंदेशा ये भी है कि दोनों देश मिसाइल कार्यक्रमों पर मजबूती से काम करने पर जोर दें। वहीं दक्षिण कोरियाई सरकारी डेटाबेस के अनुसार, युन पहले सीरिया के साथ देश के संबंधों पर काम कर चुके हैं।

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