पाकिस्तान में आए दिन भारत के दुश्मनों को चुन-चुनकर मौत के घाट उतारा जा रहा है। इस कड़ी में हालिया घटनाक्रम में कुख्यात लश्कर-ए-इस्लाम समूह के कमांडर हाजी अकबर अफरीदी को खैबर जिले के बारा में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी।

पाकिस्तानी आतंकी की मौत। पाकिस्तान में आए दिन भारत के दुश्मनों को चुन-चुनकर मौत के घाट उतारा जा रहा है। इस कड़ी में हालिया घटनाक्रम में कुख्यात लश्कर-ए-इस्लाम समूह के कमांडर हाजी अकबर अफरीदी को खैबर जिले के बारा में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। इसके वजह से आस-पास के क्षेत्रों में हिंसा की आशंका बढ़ गई है।

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लश्कर-ए-इस्लाम अपनी उग्रवादी गतिविधियों और चरमपंथी विचारधारा के लिए जाना जाता है। वो विभिन्न समुदायों के बीच धमकियां जारी करने और भय पैदा करने के लिए काफी कुख्यात है। उन्होंने पहले भारत में कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाया है। उन्होंने कश्मीरी पंडितों को पलायन करने या गंभीर परिणाम भुगतने की मांग करते हुए भयावह चेतावनी जारी कर चुका है। इसे समूह के कमांडर हाजी अकबर अफरीदी के तार साल 2014 से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने के भी खुलासे सामने आए हैं।

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भारत में कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार

भारत में कश्मीरी पंडितों की दुर्दशा अत्यंत चिंता का विषय रहा है। डोगरा शासन के दौरान कट्टरपंथी इस्लामवादियों और उग्रवादियों के उत्पीड़न और धमकियों के कारण पिछले कुछ वर्षों में उनकी आबादी काफी कम हो गई है।1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों का पलायन खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था। खासकर 19 जनवरी, 1990 की जघन्य घटनाओं के बाद से। उस वक्त मस्जिदों ने कश्मीरी पंडितों को काफ़िर घोषित करते हुए मारने का फरमान जारी किया गया था।

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