सरकार बचाने की इमरान खान की सारी कवायद शनिवार रात फेल हो गई। पाकिस्तानी नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के दौरान इमरान के खिलाफ 174 वोट पड़े। सत्ता से जाते ही इमरान के करीबी संकट में आ गए। उन पर छापों की कार्रवाई शुरू हो गई।  

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में चल रहा सियासी घमासान (Pakistan Political Crisis) जारी है। शनिवार देर रात इमरान सरकार (Imran Khan) गिर गई। संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर हुई वोटिंग में इमरान के खिलाफ कुल 174 वोट पड़े। चूंकि, पाकिस्तान नेशनल असेंबली में बहुमत के लिए 172 की संख्या ही जरूरी है, ऐसे में 174 वोट पड़ते ही इमरान सत्ता से आउट हो गए। उधर, स्पीकर और डिप्टी स्पीकर ने वोटिंग से पहले ही इस्तीफा दे दिया था।

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स्पीकर के इस्तीफा देने के बाद विपक्ष ने PML-N के अयाज सादिक को नया स्पीकर बनाया। इसके बाद उन्होंने ही वोटिंग कराई। इमरान की हार के बाद विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ ने कहा- यह पाकिस्तान की आवाम के लिए नई सुबह है। 

अधिकारियों ने नहीं बताई छापों की वजह 
उधर, सुबह होते-होते इमरान के करीबियों पर कार्रवाई शुरू हो गई। सबसे पहले इमरान के प्रवक्ता डॉ. अर्सलान खालिद के घर पर छापेमारी की गई। आधी रात हुई इस कार्रवाई में खालिद के परिवार के सभी सदस्यों के फोन छीन लिए गए। इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए- इंसाफ ने खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी। 

पार्टी ने जो जानकारी दी है, उसमें कहा गया है कि ये कार्रवाई सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के आरोप में की गई है, जबकि खालिद ने कभी किसी को सोशल मीडिया पर एक शब्द तक नहीं कहा। उधर, पाकिस्तानी अधिकारियों ने यह जानकारी नहीं दी है कि खालिद के घर छापेमारी की असली वजह क्या है।

इमरान के देश छोड़ने पर रोक
सत्ता से हटने के बाद इमरान के देश छोड़नेे के कयास लगाए जा रहे थे। शनिवार देर रात इमरान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के बाद ही इमरान, उनके मंत्री फवाद चौधरी और शाह महमूद पर भी कार्रवाई शुरू करने की तैयारी है। तीनों का नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ECL) लिस्ट में डाले जाने की मांग को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की गई है। 11 अप्रैल को इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में होगी। खबरों के मुताबिक इमरान खान के देश छोड़ने पर रोक लगा दी गई है।

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