Inspirational Viral Story: चीन के किस अस्पताल में गर्भवती महिला ने अपना ऑपरेशन थिएटर दूसरी महिला के लिए छोड़ दिया? इमरजेंसी में लाई गई गर्भवती महिला की हालत कैसी थी जब उसे अस्पताल पहुंचाया गया? डॉक्टरों को तत्काल सर्जरी करने में सबसे बड़ी चुनौती क्या सामने आई?
Heartwarming Story: चीन से इंसानियत की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसे सुनकर आप भी कहेंगे कि दुनिया में अच्छे लोग अब भी बाकी हैं। यहां एक गर्भवती महिला ने दूसरी गर्भवती महिला की जान बचाने के लिए अपना ऑपरेशन थिएटर ही छोड़ दिया। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना पूर्वी चीन के शेनडोंग प्रांत के वेफ़ांग पीपुल्स हॉस्पिटल की है। यहां एक महिला अपने सिजेरियन ऑपरेशन के लिए पूरी तरह तैयार थी और ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टरों का इंतजार कर रही थी। तभी एक टैक्सी अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर आकर रुकी।

खून से लथपथ दूसरी महिला
टैक्सी से एक गर्भवती महिला को उतारा गया, जो खून से लथपथ और बेहोश थी। उसके साथ परिवार का कोई सदस्य या दोस्त नहीं था। उसके पास न तो कोई पहचान पत्र था, न मेडिकल रिकॉर्ड और न ही इलाज के लिए पैसे। ऐसे में अक्सर अस्पताल इलाज से मना कर देते हैं, लेकिन यहां जो हुआ वह एक मिसाल बन गया।
भरे हुए थे सारे ऑपरेशन रूम
ऑब्स्टेट्रिक्स सेंटर की डायरेक्टर सु युचुन ने मरीज की हालत देखते ही फौरन इलाज शुरू करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि कागजी कार्रवाई बाद में पूरी की जा सकती है और इलाज का खर्च अस्पताल उठाएगा। लेकिन जब जांच की गई तो पता चला कि अस्पताल के सभी ऑपरेशन थिएटर भरे हुए थे। एक ऑपरेशन थिएटर खाली होने में कम से कम 40 मिनट लगते, जबकि महिला की हालत हर पल बिगड़ रही थी। एक-एक मिनट कीमती था।
यह देखकर डॉक्टर सु उस ऑपरेशन थिएटर में गईं, जहां पहली महिला अपनी डिलीवरी का इंतजार कर रही थी। उन्होंने उसे पूरी स्थिति समझाई। दूसरी महिला की गंभीर हालत के बारे में सुनकर वह तुरंत अपना ऑपरेशन थिएटर छोड़ने के लिए तैयार हो गई। उसने खुशी-खुशी कहा, "मुझे इंतजार करने में कोई दिक्कत नहीं है, पहले आप उस मां की जान बचाइए।"
दो घंटे चली सर्जरी
इसके बाद बेहोश महिला को तुरंत सर्जरी के लिए ले जाया गया। उसके शरीर से करीब 3,500 मिलीलीटर खून बह चुका था, जो एक वयस्क महिला के शरीर में मौजूद कुल खून की मात्रा के बराबर होता है। जांच में पता चला कि बच्चे की धड़कन पहले ही रुक चुकी थी। ऐसे मामलों में मां की जान बचाने के लिए अक्सर गर्भाशय निकालना पड़ता है, लेकिन डॉक्टरों की कड़ी मेहनत के बाद महिला के अंगों को कोई नुकसान पहुंचाए बिना उसकी जान बचा ली गई। डॉक्टरों ने बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन जन्म के बाद उसे बचाया नहीं जा सका। दो घंटे से ज्यादा चली सर्जरी के बाद जब मां को होश आया, तो उसने सबसे पहले अपने बच्चे के बारे में पूछा। मेडिकल टीम ने उसे बताया कि उसकी जान बच गई है और वह खतरे से बाहर है। अगले ही दिन उसे आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
दरियादिल मां को मिला सबका साथ
वहीं, दूसरी जिंदगी के लिए अपना ऑपरेशन थिएटर छोड़ने वाली महिला ने बाद में सर्जरी के जरिए एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। अस्पताल ने बताया कि मां और बच्चा दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं। महिला के इस साहसिक फैसले का उसके परिवार ने भी पूरा समर्थन किया। परिवार वालों ने कहा कि अगर वे भी ऐसी स्थिति में होते, तो यही फैसला लेते।
