Bankipur Bypoll: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने BJP उम्मीदवार पर भारी बढ़त बना ली है। यह सीट 1995 से BJP का गढ़ रही है। इस बढ़त के बाद पटना में जन सुराज के कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं।

पटना: बिहार के बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जन सुराज के प्रशांत किशोर ने जीत दर्ज कर ली है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार को 19324 वोट से हराया पीके की जीत से पटना की सड़कों पर आज जश्न का माहौल है। वजह है बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव, जहां जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर करते हुए ज़बरदस्त जीत हासिल की है।

जैसे ही प्रशांत किशोर की जीत की खबर पटना में फैली तो काउंटिंग सेंटरों और पार्टी दफ्तरों के बाहर सैकड़ों जन सुराज कार्यकर्ता जमा हो गए। वे ढोल की थाप पर नाच रहे थे, एक-दूसरे को हरा गुलाल लगा रहे थे और "बिहार में वैकल्पिक राजनीति की नई सुबह" जैसे नारे लगा रहे थे।

जब प्रशांत किशोर की पत्नी आईं सामने

  • प्रशांत किशोर की पत्नी, जाह्नवी दास ने बांकीपुर के लोगों का उनके समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने ANI से कहा, "मैं बांकीपुर के लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करती हूं।"
  • सालों तक दूसरी पार्टियों के लिए एक मशहूर राजनीतिक रणनीतिकार के तौर पर काम करने के बाद, प्रशांत किशोर ने जमीनी मुद्दों, शिक्षा और रोजगार पर आधारित एक वैकल्पिक राजनीतिक आंदोलन खड़ा करने के लिए जन सुराज की शुरुआत की। अपने पहले ही सीधे चुनावी मुकाबले में एक प्रमुख शहरी सीट पर यह जीत जन सुराज के लिए एक बड़ी कामयाबी है। इससे यह पार्टी NDA और महागठबंधन, दोनों के खिलाफ एक मजबूत राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित हो गई है।
  • इससे पहले, प्रशांत किशोर ने कहा था कि वह कोई 'सेफ सीट' नहीं ढूंढ रहे थे और उन्होंने जानबूझकर BJP के पुराने गढ़ बांकीपुर से चुनाव लड़ने का फैसला किया, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि बिहार के मतदाताओं को जाति और धर्म से ऊपर उठकर वोट देना चाहिए।

बांकीपुर सीट की चर्चा देशभर में क्यों?

बांकीपुर विधानसभा सीट (जिसे पहले पटना पश्चिम कहा जाता था) कोई मामूली सीट नहीं है। यह 1995 से BJP का एक ऐसा किला रही है, जिसे कोई भेद नहीं पाया था। करीब तीन दशकों तक यह सीट एक ही परिवार की राजनीतिक जागीर की तरह थी। पहले BJP नेता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा और फिर उनके बेटे नितिन नबीन ने लगातार पांच बार यहां से जीत हासिल की।

बांकीपुर सीट पर क्यों हुए उपचुनाव?

  • यह उपचुनाव इसलिए कराना पड़ा क्योंकि BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन चुके नितिन नबीन ने राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद अपनी सीट खाली कर दी थी।
  •  2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में, नबीन ने बांकीपुर से 50,000 से ज़्यादा वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। ऐसे में नबीन के अपने ही गढ़ में किशोर का इस तरह से उनकी विरासत को तोड़ना, सत्ताधारी पार्टी की प्रतिष्ठा के लिए एक बड़ा झटका है। 
  • भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, किशोर को अब तक 50,976 वोट मिले हैं, जबकि BJP के उम्मीदवार नीरज कुमार 14,953 वोटों के साथ काफी पीछे चल रहे हैं।