देश में जारी लोकसभा चुनाव को लेकर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को मिर्ची लगी है। हाल ही में पाकिस्तान ने भारतीय नेताओं से चुनाव के दौरान राजनीतिक लाभ के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल करने से परहेज करने का आग्रह किया।

भारत-पाकिस्तान रिश्तें। देश में जारी लोकसभा चुनाव को लेकर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को मिर्ची लगी है। हाल ही में भारतीय नेताओं से चुनाव के दौरान राजनीतिक लाभ के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल करने से परहेज करने का आग्रह किया है। विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज ज़हरा बलूच ने कहा कि भारतीय राजनेता चुनावी उद्देश्यों के लिए पाकिस्तान को घसीटने की अपनी लापरवाह आदत बंद करें। उन्होंने कश्मीर को लेकर भी जवाब दिया। बलूच ने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर पर अनुचित दावे करने वाले भारतीय नेताओं के उत्तेजक बयानों में बढ़ोतरी देख रहे हैं।

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प्रवक्ता ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि भारतीय राजनेता अति-राष्ट्रवाद से प्रेरित भड़काऊ बयानबाजी करके क्षेत्रीय शांति और संवेदनशीलता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। उन्होंने जम्मू कश्मीर के मामले पर कहा कि ऐतिहासिक और कानूनी तथ्यों के साथ-साथ जमीनी हकीकत भी जम्मू-कश्मीर पर भारत के निराधार दावों को खारिज करती है। हालांकि, भारत ने पहले भी पाकिस्तान के जम्मू कश्मीर से जुड़े बयानों को खारिज कर चुका है।

भारत कई बार पाकिस्तान को दे चुका है चेतावनी

पाकिस्तान की सरकार आए दिन जम्मू कश्मीर के मुद्दे को लेकर बवाल करते रहती है। हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ये मुद्दा ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के सामने उठाया था, जब वो पाकिस्तान के दौरे पर आए हुए थे। इस मुद्दे पर भारत ने हमेशा पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए कहा है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं और हमेशा रहेंगे। किसी अन्य देश को इस पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।

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