चंद्रयान- 2 में चांद की सतह पर लैंडिंग के दौरान इसरो का लैंडर से संपर्क टूट गया था। तब पाकिस्तान ने अपनी ना समझी दिखाते हुए भारत का मजाक बनाया था। लेकिन पाकिस्तान की अंतरिक्ष यात्री नमिरा सलीम ने शायद इस मिशन की गंभीरता को समझा और इसरो को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इसरो ने चंद्रमा पर उतरने का ऐतिहासिक प्रयास किया है।

कराची. चंद्रयान- 2 में चांद की सतह पर लैंडिंग के दौरान इसरो का लैंडर से संपर्क टूट गया था। तब पाकिस्तान ने अपनी ना समझी दिखाते हुए भारत का मजाक बनाया था। लेकिन पाकिस्तान की अंतरिक्ष यात्री नमिरा सलीम ने शायद इस मिशन की गंभीरता को समझा और इसरो को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इसरो ने चंद्रमा पर उतरने का ऐतिहासिक प्रयास किया है।

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भारत का ऐतिहासिक कदम : नमिरा सलीम

- कराची की डिजिटल विज्ञान मैगजीन में नमिरा सलीम ने कहा, 'मैं भारत और इसरो को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर विक्रम लैंडर की एक सफल लैंडिंग करने के ऐतिहासिक प्रयास पर बधाई देती हूं।'

- 'चंद्रयान -2 मिशन वास्तव में दक्षिण एशिया के लिए एक बड़ी छलांग है। यह पूरे विश्व के अंतरिक्ष उद्योग को गौरवान्वित करता है।'

- 'अंतरिक्ष में सभी राजनीतिक विवाद खत्म हो जाते हैं। यह मायने नहीं रखता कि कौन सा देश नेतृत्व कर रहा है। धरती हमको बांटती है लेकिन अंतरिक्ष एकजुट करता है।'

कौन हैं नमिरा सलीम?
नमिरा सलीम का जन्म कराची में हुआ। वह अप्रैल 2017 में उत्तरी ध्रुव पर पहुंचने वाली पहली पाकिस्तानी हैं। वे जनवरी 2008 में दक्षिणी ध्रुव पर भी पहुंची। यह पाकिस्तान की पहली महिला हैं जिन्हें सर रिचर्ड ब्रैनसन के वर्जिन गेलेक्टिक कमर्शियल स्पेस लाइनर के सदस्य के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।