पाकिस्तान के पेशावर के किस्सा ख्वानी बाजार में स्थित राज कपूर (Raj Kapoor) की हवेली पर दावा करने संबंधी याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। 2016 में इसे नेशनल हेरिटेज घोषित किया गया था।

पेशावर। प्रसिद्ध बॉलीवुड एक्टर राज कपूर (Bollywood actor Raj Kapoor) का जन्म पाकिस्तान के पेशावर में एक हवेली में हुआ था। राज कपूर अपनी हवेली छोड़कर भारत आ गए थे। ऋषि कपूर और उनके भाई रंधीर कपूर इसे देखने अंतिम बार 1990 में गए थे। इस हवेली पर कब्जा करने की कोशिश हो रही है। एक ऐसी ही कोशिश को पेशावर कोर्ट ने नाकाम कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले की चर्चा हो रही है।

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पेशावर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी है। यहीं, राज कपूर की हवेली है। इसे कपूर हवेली के नाम से भी जाना जाता है। हवेली पर दावा करते हुए पेशावर कोर्ट में याचिका लगाई गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इसे 2016 में खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने नेशनल हेरिटेज घोषित किया था।

दिलीप कुमार की हवेली पर दावा भी कोर्ट ने किया था खारिज

पेशावर हाईकोर्ट के जज इश्तियाक इब्राहिम और अब्दुल शकूर की दो सदस्यीय पीठ ने हवेली पर दावा करने संबंधी याचिका को खारिज किया। इससे पहले पेशावर के प्रसिद्ध किस्सा ख्वानी बाजार में स्थित एक्टर दिलीप कुमार की हवेली पर दावा करने संबंध याचिका को कोर्ट ने खारिज किया था। दिलीप कुमार की हवेली को तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सरकार ने राष्ट्रीय विरासत घोषित किया था। इस फैसले के आलोक में राज कपूर की हवेली पर दावा संबंधी याचिका को खारिज किया गया।

खैबर पख्तूनख्वा के एडिशनल एडवोकेट जनरल ने कोर्ट को बताया कि राज्य के पुरातत्व विभाग ने 2016 में कपूर हवेली को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था। जज शकूर ने पुरातत्व विभाग से पूछा कि क्या उनके पास कोई दस्तावेज या सबूत है, जिससे पता चले की राज कपूर परिवार कभी हवेली में रहता था।

जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है हवेली

गौरतलब है कि हवेली बहुत जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है। यह शहर के बेहत अहम स्थान पर है। इसके वर्तमान मालिक इसे तोड़कर कमर्शियल प्लाजा बनवाना चाहते हैं। वहीं, पुरातत्व विभाग ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए हवेली को संरक्षित करना चाहता है। राज कपूर के पैतृक घर को कपूर हवेली के नाम से जाना जाता है। यह पेशावर के प्रसिद्ध किस्सा ख्वानी बाजार में स्थित है। इसे 1918 और 1922 के बीच राज कपूर के दादा दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ने बनवाया था। राज कपूर और उनके चाचा त्रिलोक कपूर का जन्म यहीं हुआ था।