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पाकिस्तान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मौलाना रहमान की इमरान को चेतावनी- मांगें नहीं मानी गई, तो फैलेगी अराजकता

‘आजादी मार्च’ कहे जा रहे इस प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने खान पर 2018 के आम चुनावों में ‘‘धांधली’’ करने का आरोप लगाते हुए उनसे इस्तीफा मांगा है।


 

protest in pakistan continues
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Islamabad, First Published Nov 7, 2019, 1:54 PM IST
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इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के इस्तीफे की मांग करने वाले ‘आजादी मार्च’ का नेतृत्व कर रहे नेता एवं मौलाना फज़ल-उर-रहमान ने कहा कि यह विशाल धरना राष्ट्रीय जिम्मेदारी पूरी करने के लिए हो रहा है न कि ‘‘मुजरा’’ करने के लिए। रहमान ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई, तो निश्चित रूप से अराजकता फैलेगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार बीच का रास्ता ढूंढना और गतिरोध तोड़ना चाहती है तो उसे विपक्षी दलों को अपने सुझाव देने चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने लगाया इमरान पर धांधली का आरोप

दक्षिणपंथी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फजल (जेयूआई-एफ) के नेता एक बड़े प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ‘आजादी मार्च’ कहे जा रहे इस प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने खान पर 2018 के आम चुनावों में ‘‘धांधली’’ करने का आरोप लगाते हुए उनसे इस्तीफा मांगा है। रहमान ने कहा कि छह दिन से चल रहा सरकार विरोधी धरना राष्ट्रीय जिम्मेदारी पूरी करने के लिए हो रहा है और इसके लिए बहुत प्रयास किए गए हैं। एक अखबार के मुताबिक रहमान ने कहा, "ऐसा नहीं है कि हम यहां रोज रात को मुजरा करते हैं। यहां सम्मानजक लोग बैठे हैं। वे अय्याशी करने के लिए यहां नहीं आए हैं। मेरी शालीनता मुझे उन दृश्यों को दोहराने की अनुमति नहीं देती है, जो हम सभी इस्लामाबाद में देख चुके हैं।"

 

रहमान ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर मांगे नहीं मानी गई तो निश्चित रूप से अराजकता होगी। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) समेत विपक्षी दलों ने भी सरकार विरोधी प्रदर्शन को समर्थन दिया है। पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष चौधरी परवेज इलाही और पीएमएल-क्यू अध्यक्ष चौधरी शुजात हुसैन के साथ मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए रहमान ने कहा, ‘‘सकारात्मक जवाब की स्थिति अभी नहीं बनी है। यह हर किसी का देश है, जब जहाज डूबता है तो हम सभी डूबते हैं। देश में अशांति है और यह हर किसी की जिम्मेदारी है कि इस अशांति को खत्म किया जाए।’’

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

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