रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता की पुष्टि की। उन्होंने आपसी सहयोग से विश्व विकास में योगदान की बात कही। तीन दिवसीय रूस यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह ने सैन्य सहयोग पर भी चर्चा की।

Rajnath Singh met President Putin: भारत-रूस के संबंधों को प्रगाढ़ करने वाले भारत-रूस इंटर गवर्नमेंटल सैन्य एवं सैन्य सहयोग आयोग के 21वें सत्र में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भाग लिया। मास्को पहुंचे राजनाथ सिंह ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर दोनों देशों की उल्लेखनीय दोस्ती को दोहराया। रक्षा मंत्री ने काह कि हमारे देशों के बीच मित्रता सबसे ऊंचे पर्वत से भी ऊंची और सबसे गहरे महासागर से भी गहरी है। दोनों देश मिलकर दुनिया के विकास में बेहतर सहयोग देने में सक्षम हैं।

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क्या कहा राजनाथ सिंह ने?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी में अपार संभावनाएं हैं। संयुक्त प्रयास से हम विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच मित्रता सबसे ऊंचे पर्वत से भी ऊंची और सबसे गहरे महासागर से भी गहरी है। भारत हमेशा अपने रूसी मित्रों के साथ खड़ा रहा है। भविष्य में भी भारत ऐसा ही करेगा।

तीन दिनों की रूस यात्रा पर थे राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिवसीय रूस यात्रा पर थे। मॉस्को पहुंचे रक्षा मंत्री ने दोनों देशों के आपसी संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर बल दिया। सोमवार को राजनाथ सिंह ने कालिनिनग्राद का दौरा किया। यहां वह आईएनएस टुशील की फ्लैग रेजिंग सेरेमनी में शामिल हुए। इस वॉरशिप को भारत की नौसेना के लिए बनाया गया था।

जानिए क्या है प्रोजेक्ट 11356? मेक इन इंडिया में कैसे कर रहा मदद

इस वॉरशिप का निर्माण प्रोजेक्ट 11356 के तहत किया गया है। स्टेल्थ फ्रिगेट वाले इस जंगी जहाज में कई एडवांस सिस्टम और मल्टी-रोल वेपन सिस्टम लगे हैं। प्रोजेक्ट 11356 के लिए भारत-रूस में अक्टूबर 2016 में समझौता हुआ था। इसके तहत रूस जंगी जहाज देने के साथ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी करेगा। इस प्रोजेक्ट को मेक इन इंडिया के तहत आगे बढ़ाया जाएगा। टेक्नोलॉजी ट्रांसफर होने के बाद भारत में भी इसका निर्माण होगा।

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