रूस ने हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल जिरकोन (Zircon hypersonic cruise missile) का सफल टेस्ट किया है। हवा में आवाज की स्पीड से 5 से 10 गुना तेज रफ्तार से यह टारगेट की ओर बढ़ता है। इसका रेंज करीब 1000 किलोमीटर है।

मॉस्को। यूक्रेन के साथ जंग (Russia Ukraine War) के बीच रूस अपनी ताकत भी बढ़ा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को उसने अपने सबसे नए हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल जिरकोन (Zircon hypersonic cruise missile) का सफल टेस्ट किया। मिसाइल ने 1000 किलोमीटर दूर स्थित टारगेट को नष्ट कर दिया। इसे नौसेना के युद्धपोत से लॉन्च किया गया। इस मिसाइल से लैस होने के बाद रूस की नौसेना की क्षमता बहुत अधिक बढ़ जाएगी। 

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रूस के रक्षा मंत्रालय ने मिसाइल के सफल टेस्ट की घोषणा की। मिसाइल को बैरेंट्स सागर में तैनात फ्रिगेट एडमिरल गोर्शकोव से लॉन्च किया गया। मिसाइल ने आर्कटिक के सफेद सागर में 1000 किलोमीटर दूर स्थित टारगेट को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। मंत्रालय के अनुसार इस मिसाइल को नए हथियारों के परीक्षण के हिस्से के रूप में टेस्ट किया गया।

1 हजार किलोमीटर है रेंज
बता दें कि जिरकोन मिसाइल का पहला आधिकारिक परीक्षण अक्टूबर 2020 में किया गया था। इसे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने महान घटना बताया था। इसके बाद से इस मिसाइल के कई टेस्ट किए गए। इसे फ्रिगेट और पानी में अंदर मौजूद पनडुब्बी से टेस्ट किया गया। इस मिसाइल का अधिकतम रेंज करीब 1 हजार किलोमीटर है। यह आवाज की गति से 5 से 10 गुना तेज रफ्तार से उड़ता है।

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रूस ने मार्च में कहा था कि उसने यूक्रेन में पहली बार अपने हाइपरसोनिक मिसाइल किंजल का इस्तेमाल किया है। पुतिन अपने हाइपरसोनिक मिसाइलों को रूस के शस्त्रागार में नए "अजेय" हथियारों का परिवार बताते हैं। 2018 में रूस ने नई पीढ़ी के हथियारों को सार्वजनिक किया था। अत्यधिक स्पीड और कम ऊंचाई पर उड़ने के चलते इन हथियारों को ट्रैक करना कठिन है। आम हथियारों की तुलना में इसे मिसाइल डिफेंस सिस्टम की मदद से हवा में नष्ट करना भी बहुत मुश्किल है।

माना जा रहा है कि रूस ने जिरकोन मिसाइल टेस्ट कर जंग में यूक्रेन की मदद कर रहे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को भी संदेश देने की कोशिश की है। रूस ने पश्चिमी देशों पर आरोप लगाया है कि वे रूसी लोगों और रूसी संस्कृति के खिलाफ युद्ध की साजिश रच रहे हैं।

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