सऊदी अरब सार्वजनिक स्थानों पर अल्लाह के केवल 7 नामों के उपयोग की अनुमति देगा; यह नियम 120 दिनों में लागू होगा। वहीं, अफगानिस्तान में तालिबान ने विश्वविद्यालयों में महिलाओं द्वारा लिखी किताबों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

रियाद: शरिया कानून वाले देश सऊदी अरब ने अब देश में और भी सख्त शरिया नियम लागू करने का फैसला किया है। इसके मुताबिक, सार्वजनिक जगहों और संस्थानों में अल्लाह के सिर्फ 7 नामों का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। ये सात नाम कौन से हैं, इसकी जानकारी नीचे दी गई है। सऊदी अरब की संसद ने इसे मंजूरी दे दी है। यह कानून इस्लामिक कानून के खिलाफ अल्लाह के नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए है। इसके अनुसार, अल्लाह को अल-सलाम, अल-अद्ल, अल-अव्वल, अल-नूर, अल-हक, अल-शाहिद और अल-मलिक जैसे नामों से ही पुकारा जाना चाहिए।

यह नियम कहां-कहां लागू होगा?

यह नियम अगले 120 दिनों में लागू हो जाएगा। इसे स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, अस्पताल, सांस्कृतिक केंद्र, मस्जिद समेत सभी सरकारी दफ्तरों में लागू किया जाएगा।

महिलाओं की लिखी किताबों पर तालिबान का बैन 

महिलाओं के अधिकारों पर एक के बाद एक पाबंदी लगा रही अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने अब देश की यूनिवर्सिटी में महिलाओं द्वारा लिखी गई किताबों को पढ़ाने पर रोक लगा दी है। कहा गया है कि ये किताबें शरिया कानून और तालिबान की विचारधारा के खिलाफ हैं। इसलिए, वहां के शिक्षा मंत्री ने सभी यूनिवर्सिटी को इन्हें पढ़ाने पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। इससे पहले, जब अफगानिस्तान में भयानक भूकंप आया था, तब भी तालिबान ने महिलाओं के बचाव पर रोक लगा दी थी। इसके अलावा, लड़कियों की 5वीं क्लास से आगे की पढ़ाई, गैर-मर्दों को चेहरा दिखाने और यूनिवर्सिटी में महिलाओं के आने पर भी पाबंदी लगा दी गई थी।