सूरज की सतह पर शुक्रवार (10 मई ) और शनिवार (11 मई) को दो ब्लास्ट हुए है। इसको नासा ने रिकॉर्ड किया है। इस ब्लास्ट के दौरान शक्तिशाली सौर ज्वाला निकली है।

नासा। सूरज की सतह पर शुक्रवार (10 मई ) और शनिवार (11 मई) को दो ब्लास्ट हुए है। इसको नासा ने रिकॉर्ड किया है। इस ब्लास्ट के दौरान शक्तिशाली सौर ज्वाला निकली है। नासा की सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्रबिटी ने सौर विस्फोटों का सावधानीपूर्वक दस्तावेजीकरण किया, जिसने पृथ्वी की ओर इलेक्ट्रिक मैग्नेटिक एनर्जी की तरंगें भेजी। नासा ने बयान जारी करते हुए कहा कि सूरज की सतह पर 10 मई को रात 9:23 बजे और 11 मई को सुबह 7:44 बजे दो शक्तिशाली धमाके हुए। इसकी तस्वीर नासा के सौर डायनेमिक्स ऑब्जर्रबिटी ने ली। इसे दो अलग-अलग श्रेणी X5.8 और X 1.5 फ्लेयर्स में बांटा गया।

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धमाके का असर धरती पर

सूरज की सतह पर हुए धमाके के बाद इसका असर धरती पर दिख सकता है। इसके लिए नासा ने पहले से ही अलर्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि पृथ्वी इन सौर तूफानों के प्रभाव के लिए तैयार थी। नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) ने हमारे ग्रह की ओर बढ़ने वाले कई कोरोनल मास इजेक्शन (CME) को लेकर पहले ही अलर्ट जारी कर दिया। 

ये एक खगोलीय घटना है, जो आसमान को गुलाबी, हरे और बैंगनी रंग में बदल देता है। उत्तरी यूरोप से लेकर ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया तक आसमान पूरी तरह से रंगीन लगने लगता है। ये दुनिया भर में मौजूद स्कूल वॉचर्स के लिए काफी महत्वपूर्ण समय माना जाता है।

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