राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) शुक्रवार को बांग्लादेश (bangladesh) में ऐतिहासिक श्री रमणा काली मंदिर का उद्घाटन करेंगे। 1971 में पाकिस्तानी सेना ने इस मंदिर को ध्वस्त कर दिया था। इसका जीर्णोद्धार कर दिया गया है। 

ढाका। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) ने गुरुवार को 1971 में पाकिस्तान से बांग्लादेश की आजादी की स्वर्ण जयंती समारोह में हिस्सा लिया। इस मौके पर बंगलादेश के राष्ट्रपति एम अब्दुल हमीद और प्रधानमंत्री शेख हसीना और अन्य हस्तियां भी मौजूद रहीं। राष्ट्रपति ने बांग्लादेश के नेशनल परेड ग्राउंड में 50 वीं विजय दिवस परेड देखी। इसमें भारतीय सशस्त्र बलों के 122 सदस्यीय त्रि-सेवा दल भी शामिल हुए।



इस समारोह के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रपति कोविंद ने ढाका के राष्ट्रीय परेड ग्राउंड में मार्च पास्ट का निरीक्षण किया। भारतीय सेना ने 1971 की जंग में पाकिस्तान के कब्जे से बांग्लादेश को आजाद कराया था। तब से भारत और बांग्लादेश 16 दिसंबर को पाकिस्तान पर भारतीय सेना और मुक्ति वाहिनी की जीत को याद करते हुए 'विजय दिवस' के रूप में मनाते हैं। 

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ऑपरेशन सर्च लाइट के दौरान तोड़ दिया था रमणा काली मंदिर
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शुक्रवार को बांग्लादेश में ऐतिहासिक श्री रमणा काली मंदिर का उद्घाटन करेंगे। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने इसे दोनों देशों के लिए बेहद भावुक क्षण बताया। 1971 में पाकिस्तानी सेना ने इस मंदिर को ध्वस्त कर दिया था। इसका जीर्णोद्धार कर दिया गया है। 
गौरतलब है कि पाकिस्तान की सेना ने 1971 के ‘ऑपरेशन सर्चलाइट' में मंदिर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था। खबरों के अनुसार, मंदिर को आग लगा दी गयी थी और इस घटना में श्रद्धालुओं और मंदिर में रहने वाले तमाम लोग मारे गए थे।

भारत से रक्षा उपकरण खरीदेगा बांग्लादेश 
बांग्लादेश 50 करोड़ डॉलर के एलओसी के तहत भारत से रक्षा वस्तुओं का आयात करेगा। यह जानकारी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बांग्लादेश दौरे के बीच सामने आई है। विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने बताया कि भारत ने 2019 में रक्षा संबंधी उत्पादों की खरीद के लिए बांग्लादेश को 50 करोड़ डालर की ऋण सुविधा प्रदान की थी। इसी कर्ज सुविधा के तहत यह आयात शुरू होगा। इसके लिए कई उपकरणों पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कर्ज सहायता के तहत कई मदों की पहचान की गई है और उन पर तेजी से काम किया जा रहा है।

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