अपमानजनक संबोधनों से बुलाते थे सहकर्मी। कंपनी हर्जाने के तौर पर दोनों को 2,75,000 डॉलर देने पर सहमत हुई है। 

न्यूयॉर्क: अमेरिका की अग्रणी बहुराष्ट्रीय कंपनी हैलीबर्टन कार्यस्थल पर धार्मिक मान्यताओं के आधार भेदभाव के शिकार हुए भारतीय तथा सीरियाई मूल के अपने दो मुस्लिम कर्मचारियों को 2,75,000 डॉलर का भुगतान करेगी। अमेरिका के रोजगार के समान अवसर संबंधी आयोग (ईईओसी) ने इन दो कर्मचारियों के साथ धार्मिक भेदभाव को लेकर कंपनी पर मुकदमा दायर किया था। मुकदमे के अनुसार, भारतीय मूल के मीर अली और सीरियाई मूल के हसन स्नोबार के साथ कंपनी में गलत बर्ताव किया गया।

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अपमानजनक संबोधनों से बुलाते थे सहकर्मी

मुकदमे में कहा गया कि स्नोबार ने अगस्त 2012 से कंपनी के साथ काम करना शुरू किया था। उसे सहकर्मी अपमानजनक संबोधनों से बुलाते थे और आतंकवादी संगठन आईएसआईएस से जोड़ते थे। अली को भी इसी तरह के माहौल से गुजरना पड़ता था। आयोग ने कहा कि जब स्नोबार ने इससे परेशान होकर प्रबंधन तथा मानव संसाधन विभाग के समक्ष शिकायत दर्ज की तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया।

कंपनी इसके हर्जाने के तौर पर दोनों को 2,75,000 डॉलर देने पर सहमत हुई है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)