दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर है। ऐसे में तमाम देश कोरोना की वैक्सीन बनाने में जुटे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, अब तक 70 वैक्सीन तैयार की जा रही हैं। इनमें से तीन का ह्यूमन ट्रायल भी चल रहा है। 

वॉशिंगटन. दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर है। ऐसे में तमाम देश कोरोना की वैक्सीन बनाने में जुटे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, अब तक 70 वैक्सीन तैयार की जा रही हैं। इनमें से तीन का ह्यूमन ट्रायल भी चल रहा है। दवाई निर्माता इस वायरस की वैक्सीन बनाने में लगातार जुटे हुए हैं। 

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इस ​​प्रक्रिया में सबसे आगे हॉन्ग कॉन्ग की कैनसिनो बायोलॉजिक्स इंक है। यह वैक्सीन बनाने में जुटी हुई है। वहीं, बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी भी दूसरे चरण में है। वहीं, अन्य दो अमेरिका की मॉडर्ना और इनोविओ फार्मास्यूटिकल की हैं, इनका ह्यूमन ट्रायल चल रहा है। 

सिर्फ एक साल में बनाने की कोशिश में जुटी कंपनियां
WHO के मुताबिक, वैक्सीन बनाने में काफी तेजी से काम हो रहा है, क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि इस वायरस से सिर्फ रोकथाम से नहीं बचा जा सकता। इसके लिए जल्द से जल्द वैक्सीन बनाने की जरूरत है। इसलिए कंपनियां इसे सिर्फ 1 साल के अंदर बनाने की कोशिश में जुटी हैं। 

छोटी से लेकर बड़ी कंपनियां भी जुटीं
वहीं, कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने के लिए छोटी से लेकर बड़ी कंपनियां भी जुटी हैं। कोरोना से निपटने के लिए यही सबसे प्रभावशाली तरीका है। इसलिए हर कंपनी अपने स्तर पर काम कर रही है।