केन्या में एक पादरी द्वारा ब्रैनवॉश किए गए 4 लोगों की भूख से मौत हो गई। पादरी ने इन लोगों को जीसस से मिलाने का विश्वास दिलाया गया था.

नैरोबी: केन्या में एक विवादास्पद पंथ के चार लोगों की भूखे रहने से मौत हो गई है, जबकि और लगभग एक दर्जन अन्य को गंभीर हालत में किल्फी काउंटी में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक उन्हें एक धार्मिक गुरू ने भगवान यीशु से मिलने के लिए खुद को भूखा मरने के लिए कहा था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसारगुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च के चार उपासकों की मगरिनी निर्वाचन क्षेत्र के शकहोला गांव में कई दिनों तक बिना भोजन और पानी के रहने से मौत हो गई।

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पुलिस के अनुसार यह लोग को एक जंगल में मिले था,जहां उन्हें एक उपदेशक ने यीशु मिलने के लिए उनसे उपवास करने को कहा था। पुलिस को जंगल में प्राथर्ना होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस जंगल में पहुंची। इस दौरान पुलिस ने 15 लोगों को उपवास अभ्यास में भाग लेते हुए पाया, लेकिन केवल 11 ही जीवित अस्पताल पहुंचे। वहीं, चार लोगों की मौत हो गई।

धार्मिक गुरू ने किया ब्रेनवॉश

पुलिस ने कहा है कि गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च के नेता मेकेंजी एनथेंग द्वारा समूह का ब्रेनवॉश किया गया था। उनके अनुयायियों ने कहा कि उन्हें सर्वनाश से बचने के लिए उपवास करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट के अनुसार उसने अपने अनुयायियों को यह भी सलाह दी कि वे स्वर्ग में जल्दी प्रवेश करने और यीशु से मिलने के लिए खुद को भूखा रखें।

भूखे मर रहे हैं लोग

अधिकारियों को यह भी संदेह है कि जंगल में एक सामूहिक कब्र है जहां पंथ के अन्य सदस्यों को दफनाया गया है। पुलिस ने कहा है कि गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च के पादरी पॉल मैकेंजी एनथेन्गे द्वारा ब्रेनवाश किए जाने के बाद लोग यीशु से मिलने के चक्कर में भूखे मर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि जंगल में संदिग्ध अनुयायी के चलते पुलिस सामूहिक कब्र पर कोई भी एक्शन नहीं ले पाती थी।

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दो बच्चों की हत्या

इससे पहले पादरी पर दो बच्चों की हत्या का आरोप लगा था। इन बच्चों के माता-पिता उनके अनुयायियों में से एक हैं। फिलहाल वह जमानत पर बाहर है। TUKO News के मुताबिक नथेंग ने कहने पर माता-पिता ने कथित तौर पर अपने दोनों बच्चों को एक कब्र में दफना दिया था। अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर 2021 की रिपोर्ट के अनुसार केन्या में प्रमुख धर्म ईसाई धर्म है और 2019 में लगभग 85.5% जनसंख्या ईसाइ धर्म को मानती थी।