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24 जुलाई तक रहेगा आषाढ़ मास, इस महीने में सूर्य पूजा करने से दूर होती है बीमारियां, बढ़ती है उम्र

हिंदू कैलेंडर का चौथा महीना आषाढ़ आज (25 जून) से शुरू हो चुका है, जो 24 जुलाई तक रहेगा। स्कंद पुराण के मुताबिक इस महीने में भगवान विष्णु और सूर्य की पूजा करने से बीमारियां दूर होती हैं और उम्र भी बढ़ती है।

Ashad Maas begins from today, know the importance and vidhi of surya puja KPI
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Ujjain, First Published Jun 25, 2021, 8:58 AM IST
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उज्जैन. आषाढ़ में रविवार और सप्तमी तिथि का व्रत रखने से मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। भविष्य पुराण में कहा गया है कि आषाढ़ मास सूर्य को जल चढ़ाने से दुश्मनों पर जीत मिलती है।

सूर्य पूजा से बढ़ती है सकारात्मकता
- धर्म ग्रंथों के अनुसार, आषाढ़ महीने में सूर्योदय से पहले नहाकर उगते हुए सूरज को जल चढ़ाने के साथ ही पूजा करने से बीमारियां दूर होती हैं।
- भविष्य पुराण में श्रीकृष्ण ने अपने पुत्र को सूर्य पूजा का महत्व बताया है। श्रीकृष्ण ने कहा है कि सूर्य ही एक प्रत्यक्ष देवता हैं। यानी ऐसे भगवान हैं जिन्हें रोज देखा जा सकता है।
- श्रद्धा के साथ सूर्य पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सूर्य पूजा से कई ऋषियों को दिव्य ज्ञान प्राप्त हुआ है।

इस विधि से दें सूर्य को अर्घ्य
- सुबह सूर्योदय से पहले उठकर तीर्थ स्नान करें। संभव नहीं हो तो घर पर ही पानी में गंगाजल डालकर नहाएं। इसके बाद भगवान सूर्य को जल चढ़ाएं।
- इसके लिए तांबे के लोटे में जल भरें और चावल, फूल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। जल चढ़ाते समय सूर्य के वरूण रूप को प्रणाम करते हुए ऊं रवये नम: मंत्र का जाप करें।
- इस जाप के साथ शक्ति, बुद्धि, स्वास्थ्य और सम्मान की कामना करना चाहिए। इस प्रकार जल चढ़ाने के बाद धूप, दीप से सूर्य देव का पूजन करें।
- सूर्य से संबंधित चीजें जैसे तांबे का बर्तन, पीले या लाल कपड़े, गेहूं, गुड़, लाल चंदन का दान करें। श्रद्धानुसार इन में से किसी भी चीज का दान किया जा सकता है।

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