जब पूरा भारत अलग-अलग खंडों में बंटा हुआ था, तब आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों से पूरे भारत को एक किया था। एक सामान्य बालक चंद्रगुप्त को अखंड भारत का सम्राट बनाया।

उज्जैन. चाणक्य ने एक ऐसे ग्रंथ की रचना की थी, जिसमें सुखी जीवन के सूत्र बताए गए हैं। इस ग्रंथ का नाम है चाणक्य नीति। आज हम आपको चाणक्य की ऐसी 10 नीतियां बता रहे हैं, जिन्हें जीवन में उतार लेने से बड़ी-बड़ी परेशानियां भी दूर हो सकती हैं। ये नीतियां इस प्रकार हैं…

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1. दूसरों की गलतियों से भी सीखो। खुद पर प्रयोग करके सीखोगे तो तुम्हारी आयु कम पड़ जाएगी।
2. कुछ लोग हालात बदलने का प्रयास नहीं करते, जीवन जैसा चल रहा है, बस जीते चले जाते हैं पर जो प्रगति करना चाहते हैं, वे अपना सब कुछ दांव पर लगाने से नहीं डरते। संभावना है कि वे हार जाएं, कुछ न कर पाएं लेकिन यह जो कुछ कर दिखाने का प्रयास है, यही उन्हें औरों से अलग बनाता है।
3. हमें भूत (बीता हुआ कल) के बारे में पछतावा नहीं करना चाहिए और न ही भविष्य के बारे में चिंतित होना चाहिए। विवेकवान व्यक्ति हमेशा वर्तमान में जीते हैं।
4. कोई काम शुरू करने से पहले स्वयं से 3 सवाल जरूर कीजिये- मैं ये क्यों कर रहा हूं? इसके परिणाम क्या हो सकते हैं? और क्या मैं सफल हो पाऊंगा? जब गहराई से सोचने पर इन सवालों के संतोषजनक जवाब मिल जाएं, तभी आगे बढ़ना चाहिए।
5. कोई व्यक्ति अपने कर्मों से ही महान बनता है, अपने जन्म से नहीं।
6. भय को नजदीक न आने दो अगर यह नजदीक आए तो इस पर हमला कर दो यानी भय से भागो मत इसका सामना करो।
7. एक बार जब आप कोई काम शुरू करते हैं, तो असफलता से डरे नहीं और ना ही उसे त्यागें, ईमानदारी से काम करने वाले लोग खुश रहते हैं।
8. ऐसे व्यक्ति जो आपके स्तर से ऊपर या नीचे के हैं, उन्हें दोस्त न बनाओ। वे तुम्हारे कष्ट का कारण बनेंगे। समान स्तर के मित्र ही सुखदायक होते हैं।
9. शिक्षित व्यक्ति सदैव सम्मान पाता है। शिक्षा की शक्ति के आगे युवा शक्ति और सौंदर्य दोनों ही कमजोर हैं।
10. किसी भी व्यक्ति को बहुत सरल नहीं होना चाहिए। सीधे वृक्ष और व्यक्ति पहले काटे जाते हैं।