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पूरे देश में सिर्फ इस देवी मंदिर में होता है ‘मिर्ची अनुष्ठान’ तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध है ये स्थान

Navratri 2022: नवरात्रि के दौरान तंत्र साधना भी की जाती है। इसके लिए कुछ देवी मंदिरों को बहुत ही खास माना गया है। यहां दूर-दूर से तांत्रिक आकर देवी को प्रसन्न करने के लिए साधनाएं करते हैं। ऐसा ही एक मंदिर मध्य प्रदेश के आगर जिले में भी है।
 

Navratri 2022 Baglamukhi Temple Nalkheda Famous Temples of Devi Mirchi Anushthan MMA
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First Published Sep 29, 2022, 11:48 AM IST

उज्जैन. धर्म ग्रंथों के अनुसार, तंत्र सिद्धियां पाने के लिए देवी बगलामुखी (Baglamukhi Temple Nalkheda) की पूजा मुख्य रूप से की जाती है। वैसे तो देश भर में देवी बगलामुखी के अनेक मंदिर हैं, लेकिन इनमें से 3 मंदिरों को बहुत ही खास माना गया है। इनमें से एक मध्य प्रदेश के आगर जिले में नलखेड़ा नामक स्थान पर है। खास बात ये है कि यहां तंत्र साधना के साथ मिर्ची यज्ञ और ऐसे अनुष्ठान होते हैं, जो आम मंदिरों में नहीं होते। आगे जानिए इस मंदिर से जुड़ी खास बातें…

भारत में 2 और नेपाल में 1 मंदिर
मान्यता है कि देवी बगलामुखी की पूजा से हर तरह का दुख और संकट दूर हो जाता है। इन्हें तंत्र-मंत्र की प्रमुख देवी कहा जाता है। 10 महाविद्याओं में भी इन्हें प्रमुख माना जाता है। इनका एक नाम पीतांबरा भी है। वैसे तो देवी के अनेक मंदिर हमारे देश में है, लेकिन इनमें से 2 ही प्रमुख माने जाते हैं। ये दोनों मंदिर ही मध्य प्रदेश में स्थित है। पहला दतिया स्थित पीतांबरा शक्तिपीठ और दूसरा आगर के नलखेड़ा में स्थित मंदिर। देवी का तीसरा प्रमुख मंदिर नेपाल में है। 

ऐसा है मंदिर का स्वरूप
मंदिर के पुजारी हरिओम गुरु ने बताया कि मंदिर में एक साथ 3 प्रतिमाएं स्थापित हैं। बीच में देवी बगलामुखी हैं, दाएं मां लक्ष्मी तथा बाएं मां देवी सरस्वती हैं। कहा जाता है कि ये प्रतिमा स्वयंभू हैं, यानी खुद प्रकट हुईं। ये मंदिर चारों ओर से श्मशान से घिरा है और नजदीक ही लखूंदर नदी बहती है। श्मशान और नदी का किनारा होने से ये स्थान तंत्र साधना के लिए उपयुक्त है। यही कारण है कि नवरात्रि के दौरान यहां दूर-दूर से तांत्रिक साधना करने आते हैं।

यहां का मिर्ची अनुष्ठान है प्रसिद्ध
मंदिर के पुजारी हरिओम के अनुसार, वैसे तो मंदिर में कई तरह के विशेष अनुष्ठान समय-समय पर किए जातेहैं, लेकिन इन सभी में मिर्ची अनुष्ठान सबसे खास है। ये अनुष्ठान शत्रुओं पर विजय पाने के लिए किया जाता है। इस अनुष्ठान में साबूत लाल मिर्ची, चंदन, गूगल, सरसों के तेल का उपयोग किया जाता है। पहले ये अनुष्ठान मंदिर परिसर में ही किया जाता था, लेकिन अब इसे मंदिर के निकट स्थित यज्ञशाला में किया जाता है।

कई बड़ी हस्तियां आ चुकी हैं यहां
माता बगलामुखी के मंदिर में कई बड़ी हस्तियां भी माथा टेकने आ चुकी हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, भाजपा के कद्दवावर नेता गिरिराज प्रसाद और फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा भी शामिल हैं। इनके अलावा राजमाता विजयराधे सिंधिया व अर्जुन सिंह जैसे नेता भी यहां हाजिरी लगा चुके हैं। भारत के वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जयंत शाह भी यहां अनुष्ठान करवाने आए थे। 

कैसे पहुंचें?
हवाई मार्ग-
बगलामुखी मंदिर पहुंचने के लिए निकटतम एयरपोर्ट इंदौर में है। यहां से नलखेड़ा की दूरी लगभग 165 किमी है। यहां से बस व टैक्सी आसानी से मिल जाती है।
रेल मार्ग- नलखेड़ा का सबसे नजदीक रेलवे स्टेशन मक्सी है। इसके अलावा, उज्जैन और देवास रेलवे स्टेशन से भी नलखेड़ा आसानी से पहुंचा जा सकता है।
सड़क मार्ग- आगर सभी राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ा हुआ है। उज्जैन, इंदौर, देवास आदि स्थानों से यहां आसानी से पहुंच सकते हैं।


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